Summary
'Satriya aur Bihu Nritya' Class 6 Hindi (Malhar) ka katha-nibandh hai — जया मेहता की पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया यह पाठ एक लंदन की लड़की एंजेला की नज़र से असम के बिहू और सत्रिया नृत्य की समृद्ध परंपरा से परिचित कराता है।
लंदन में रहने वाली एंजेला अपनी माँ एलेसेंड्रा (डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता) के साथ असम की नृत्य परंपरा पर फ़िल्म बनाने भारत आती है। गुवाहाटी के पास गाँव मलंग में वह बिहू उत्सव और नृत्य देखकर मंत्रमुग्ध हो जाती है। फिर उत्तरी असम के दक्षिणापथ सत्र में रीना सेन की बेटी अनु से उसकी मित्रता होती है। दोनों लड़कियाँ जय-विजय की कहानी पर आधारित महिला सत्रिया प्रस्तुति देखती हैं और नृत्यांगनाएँ प्रिया और रीता उन्हें कुछ मुद्राएँ सिखाती हैं। लंदन लौटने पर एंजेला अपनी कक्षा में असमी नृत्य प्रस्तुत करती है।
Key points & formulas
- 01लेखिका जया मेहता (जन्म 1977) नृत्यांगना, लेखिका और शिक्षिका हैं; यह पाठ उनकी पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया है; हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है।
- 02विधा: कथा-निबंध — यात्रा-वृत्तांत शैली में लिखी गई कहानी, जिसमें वस्तु, घटना और प्रदेश का क्रमबद्ध वर्णन है।
- 03केंद्रीय भाव: एक विदेशी बच्ची एंजेला की आँखों से भारत की नृत्य परंपरा — बिहू और सत्रिया — की सुंदरता और विविधता का परिचय।
- 04मुख्य पात्र: एंजेला (लंदन की दस वर्षीया लड़की), एलेसेंड्रा (माँ, डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता), अनु (असमी मित्र, रीना सेन की बेटी)।
- 05बिहू असम का कृषि-आधारित त्योहार है — साल में तीन बार: रोंगाली/बोहाग (अप्रैल, बीज बोने पर), भोगाली/माघ (जनवरी, अनाज तैयार होने पर), कोंगाली/काटी (अक्तूबर, धान रोपने पर)।
- 06सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति असम के वैष्णव मठों (सत्रों) में हुई; बीसवीं शताब्दी के मध्य से महिलाएँ भी इसे मंच पर प्रस्तुत करने लगीं।
- 07कठिन शब्दार्थ — हतप्रभ: अवाक्, आश्चर्यचकित; मंत्रमुग्ध: जादू में खोया हुआ; पेचीदा: जटिल, कठिन; लजीज: स्वादिष्ट।
Frequently asked questions
01Satriya aur Bihu Nritya का सारांश क्या है?
लंदन की दस वर्षीया लड़की एंजेला अपनी माँ एलेसेंड्रा के साथ असम आती है, जो वहाँ की नृत्य परंपरा पर डॉक्यूमेंट्री बना रही हैं। एंजेला गाँव मलंग में बिहू उत्सव और नृत्य देखती है, फिर दक्षिणापथ सत्र में अनु से दोस्ती होती है। दोनों जय-विजय की कहानी पर महिला सत्रिया प्रस्तुति देखती हैं और नृत्यांगनाओं से कुछ मुद्राएँ सीखती हैं। लंदन लौटकर एंजेला अपनी कक्षा में असमी नृत्य प्रस्तुत करती है।
02Satriya aur Bihu Nritya की लेखिका कौन हैं?
इस पाठ की लेखिका जया मेहता हैं, जिनका जन्म 1977 में हुआ। वे नृत्यांगना, लेखिका और शिक्षिका हैं तथा ओडिसी नृत्य में पारंगत हैं। यह पाठ उनकी पुस्तक 'नृत्य कथा' से लिया गया है; हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है।
03Satriya aur Bihu Nritya का केंद्रीय भाव क्या है?
इस पाठ का केंद्रीय भाव यह है कि भारत की नृत्य और संगीत परंपरा विश्व में अनोखी है। एक विदेशी बच्ची की जिज्ञासु दृष्टि से असम के बिहू और सत्रिया नृत्य की सुंदरता, उनकी सांस्कृतिक जड़ें और बदलती परंपराओं का परिचय दिया गया है।
04बिहू क्या है और यह कितनी बार मनाया जाता है?
बिहू असम का कृषि-आधारित त्योहार है जो साल में तीन बार मनाया जाता है — रोंगाली/बोहाग (बैसाख, अप्रैल में — बीज बोने पर, नए साल और बसंत के आगमन पर), भोगाली/माघ (माघ, जनवरी में — खेतों में अनाज तैयार होने पर), और कोंगाली/काटी (कार्तिक, अक्तूबर में — धान रोपने पर)।
05सत्रिया नृत्य क्या है और इसकी उत्पत्ति कहाँ हुई?
सत्रिया नृत्य असम का एक शास्त्रीय नृत्य है जिसकी उत्पत्ति वैष्णव मठों (सत्रों) में हुई। सत्र असम के मठ हैं जहाँ पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियाँ होती हैं और इनकी संख्या पाँच सौ से भी अधिक है।
06एंजेला कौन है और वह असम क्यों आई थी?
एंजेला लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहने वाली दस वर्षीया लड़की है। वह अपनी माँ एलेसेंड्रा के साथ असम आई, जिन्हें ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वित्तीय मदद मिली थी।
07सत्रिया नृत्य में जय-विजय की कहानी क्या है?
जय और विजय भगवान विष्णु के द्वारपाल थे। एक बार उन्होंने कई ऋषियों को सोते हुए भगवान विष्णु से मिलने नहीं दिया। ऋषि नाराज़ हो गए और उन्होंने दोनों को असुर बनने का श्राप दे दिया। भगवान विष्णु ने वचन दिया कि वे उन्हें मारकर श्राप से मुक्त करेंगे। बाद में जय और विजय पुनः विष्णु के द्वारपाल बने।
08सत्रिया नृत्य में महिलाओं की भागीदारी कब और कैसे शुरू हुई?
बीसवीं शताब्दी के मध्य में कुछ साधु मठों से बाहर आकर पुरुषों और महिलाओं को सत्रिया नृत्य सिखाने लगे। शुरू में ऐसे साधुओं को मठों से निकाल दिया गया, लेकिन आधुनिक दौर में महिला सत्रिया कलाकारों के लिए मंच पर नृत्य करना आम बात हो गई।
09असम के 'सत्र' क्या हैं?
सत्र असम के मठ हैं जिनकी संख्या पाँच सौ से भी अधिक है। ये पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के केंद्र हैं। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्हीं सत्रों में हुई है।
10हतप्रभ, मंत्रमुग्ध, पेचीदा और लजीज शब्दों के अर्थ क्या हैं?
हतप्रभ = अवाक्, अत्यंत आश्चर्यचकित; मंत्रमुग्ध = किसी चीज़ में इस तरह खोया हुआ मानो जादू हो गया हो; पेचीदा = जटिल, कठिन, उलझा हुआ; लजीज = बहुत स्वादिष्ट।
11Satriya aur Bihu Nritya summary in hindi
यह पाठ जया मेहता की 'नृत्य कथा' से लिया गया है। लंदन की लड़की एंजेला अपनी माँ के साथ असम आती है। वह बिहू — असम का कृषि-त्योहार और नृत्य — देखती है। फिर दक्षिणापथ सत्र में अनु से मित्रता होती है और दोनों सत्रिया नृत्य में जय-विजय की कहानी देखती हैं। नृत्यांगनाएँ प्रिया और रीता उन्हें कुछ मुद्राएँ सिखाती हैं। लंदन लौटकर एंजेला अपने सहपाठियों को असमी नृत्य दिखाती है।
12एंजेला की माँ एलेसेंड्रा का क्या काम था?
एलेसेंड्रा एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता थीं। उन्हें लंदन की ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वित्तीय मदद मिली थी। एंजेला ने उन्हें एक 'वैज्ञानिक-कहानीकार' की तरह माना, जो अपनी फ़िल्मों से बहुत-सी चीज़ें एक साथ दिखाती हैं।
13अनु के खिलौने कैसे थे जो एंजेला को बहुत पसंद आए?
अनु के खिलौने अलग और अनोखे थे — गुड़िया, लकड़ी के खिलौने और नारियल की जटा से बने घर। अनु का पसंदीदा खिलौना लकड़ी का बना तीर-कमान था। एंजेला ने लंदन में ऐसे खिलौने कभी नहीं देखे थे।
14क्या Satriya aur Bihu Nritya अध्याय की PDF मुफ़्त है?
हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।
More chapters in Malhar
This is the complete Malhar Chapter 8 as published by NCERT — every diagram, solved example, and exercise included, free. Browse all NCERT Class 6 textbooks.
Read offline with notes, solutions & mock tests
CBSE Prepmaster — free on iOS & Android