Class 6 Hindi

Chapter 6 — Meri Maa

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

'Meri Maa' Class 6 Hindi (Malhar) mein Ramprasad 'Bismil' ki autobiography ka ek ansh hai — इसमें क्रांतिकारी बिस्मिल ने फाँसी से पूर्व जेल से अपनी माँ के प्रति असीम कृतज्ञता व्यक्त की है, जिनके प्रोत्साहन ने उन्हें क्रांतिकारी जीवन जीने की शक्ति दी।

यह पाठ स्वतंत्रता सेनानी रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा 'निज जीवन की एक छटा' का अंश है। बिस्मिल बताते हैं कि दादीजी और पिताजी के विरोध के बावजूद माताजी ने सदा उनके क्रांतिकारी और शैक्षिक कार्यों में प्रोत्साहन दिया। ग्यारह वर्ष की आयु में विवाह होने पर अशिक्षित माताजी ने स्वयं की जिज्ञासा से हिंदी सीखी। जेल से फाँसी से पूर्व लिखे इस भावुक अंश में बिस्मिल माँ को जन्मदात्री जननी मानते हुए उनका ऋण अनेक जन्मों में भी न चुका पाने की बात करते हैं और उनसे अंतिम समय में हृदय न विचलित होने का वर माँगते हैं।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक: रामप्रसाद 'बिस्मिल' (1897–1927) — क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, कवि एवं लेखक; 'सरफ़रोशी की तमन्ना' के रचनाकार
  2. 02विधा: आत्मकथा का अंश — 'निज जीवन की एक छटा' से, जो जेल में चोरी-छिपे लिखी गई और प्रकाशित हुई
  3. 03केंद्रीय भाव: माँ के प्रति असीम कृतज्ञता — माताजी के प्रोत्साहन ने बिस्मिल को साहस, सत्य और देश-सेवा के पथ पर दृढ़ रखा
  4. 04माताजी की विशेषता: दादीजी-पिताजी का विरोध सहते हुए भी पुत्र के हर कार्य में सहायता की; ग्यारह वर्ष की आयु में अशिक्षित होकर बाद में स्वयं हिंदी पढ़ना सीखा
  5. 05माताजी का सबसे बड़ा आदेश: अपने शत्रु को भी कभी प्राणदंड न देना — किसी की प्राणहानि न हो
  6. 06मेजिनी का संदर्भ: बिस्मिल ने माताजी की तुलना इटली के क्रांतिकारी मेजिनी की माँ से की जिन्होंने पुत्र के राष्ट्रसेवा कार्य में वैसा ही सहयोग दिया
  7. 07कठिन शब्दार्थ — आधिपत्य: शासन/अधिकार; प्रोत्साहन: हिम्मत बढ़ाना; अवर्णनीय: जो वर्णन न किया जा सके; अक्षर-बोध: अक्षरों का ज्ञान; प्राणहानि: जीवन का अंत करना
Questions

Frequently asked questions

01

Meri Maa के लेखक कौन हैं?

"मेरी माँ" के लेखक रामप्रसाद 'बिस्मिल' (1897–1927) हैं। वे भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, कवि और लेखक थे। भगत सिंह ने उन्हें बड़ा होनहार नौजवान और गज़ब का शायर बताया था।

02

Meri Maa का सारांश क्या है?

यह पाठ बिस्मिल की आत्मकथा का वह भाग है जिसमें वे माताजी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। माताजी ने दादीजी और पिताजी के विरोध को सहते हुए भी बिस्मिल के क्रांतिकारी और शैक्षिक कार्यों में सदा सहयोग दिया। जेल में फाँसी की प्रतीक्षा करते हुए बिस्मिल लिखते हैं कि अनेक जन्मों में भी माँ का ऋण नहीं चुका सकते और उनसे अंतिम क्षणों में हृदय न विचलित होने का वर माँगते हैं।

03

Meri Maa summary in hindi

"मेरी माँ" रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा 'निज जीवन की एक छटा' का अंश है। इसमें बिस्मिल ने माँ के निःस्वार्थ प्रेम, साहस और त्याग की गाथा लिखी है। माताजी ने परिवार का विरोध सहते हुए पुत्र को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया, स्वयं हिंदी सीखी और उन्हें सत्य व अहिंसा का पाठ पढ़ाया।

04

Meri Maa Class 6 ke lekhak kaun hain?

"मेरी माँ" के लेखक रामप्रसाद 'बिस्मिल' हैं। वे 1897 में जन्मे और 1927 में मात्र तीस वर्ष की आयु में अंग्रेज़ सरकार द्वारा फाँसी दिए गए। यह पाठ उनकी आत्मकथा 'निज जीवन की एक छटा' का अंश है।

05

"मेरी माँ" किस पुस्तक का अंश है?

यह पाठ रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा 'निज जीवन की एक छटा' का अंश है। उन्होंने यह आत्मकथा जेल में चोरी-छिपे लिखी और अंग्रेज़ों से बचाते हुए जेल से बाहर भेजी। उनके साथियों ने इसे प्रकाशित करवाया।

06

बिस्मिल की माताजी का सबसे बड़ा आदेश क्या था?

माताजी का सबसे बड़ा आदेश था कि अपने शत्रु को भी कभी प्राणदंड न देना — किसी की भी प्राणहानि न हो। बिस्मिल लिखते हैं कि इस आदेश की पूर्ति करने के लिए उन्हें मज़बूरन दो-एक बार अपनी प्रतिज्ञा भंग भी करनी पड़ी।

07

बिस्मिल की माताजी ने हिंदी कैसे सीखी?

माताजी ग्यारह वर्ष की आयु में अशिक्षित ग्रामीण कन्या की भाँति विवाह के बाद शाहजहाँपुर आई थीं। बिस्मिल के जन्म के पाँच-सात वर्ष बाद उनमें पढ़ने का शौक स्वयं जागा। मुहल्ले की शिक्षित सखी-सहेलियों से अक्षर-बोध किया और घर के सब काम निबटाकर जो समय मिलता, उसमें पढ़ना-लिखना करती रहीं। थोड़े दिनों में ही वे देवनागरी पुस्तकों का अध्ययन करने लगीं।

08

बिस्मिल के जीवन में माताजी का क्या योगदान था?

बिस्मिल लिखते हैं कि उनमें जो कुछ जीवन तथा साहस आया, वह माताजी और गुरुदेव श्री सोमदेव जी की कृपाओं का ही परिणाम है। माताजी ने लखनऊ कांग्रेस जाने के लिए खर्च दिया, सेवा-समिति में उत्साह बनाए रखा, शिक्षा पूरी होने तक विवाह रोका और क्रांतिकारी जीवन में भी उसी प्रकार सहायता की जैसे मेजिनी की माँ ने की।

09

बिस्मिल ने माताजी की तुलना किससे की?

बिस्मिल ने अपनी माताजी की तुलना इटली के क्रांतिकारी नेता मेजिनी की माँ से की। उनका कहना है कि क्रांतिकारी जीवन में माताजी ने उनकी वैसी ही सहायता की जैसी मेजिनी को उनकी माता ने की थी।

10

बिस्मिल को अपनी किस इच्छा के पूर्ण न होने की आशंका थी?

बिस्मिल की एकमात्र इच्छा थी कि एक बार श्रद्धापूर्वक माँ के चरणों की सेवा करके अपने जीवन को सफल बना लें। किंतु फाँसी की सज़ा के कारण उन्हें आशंका थी कि यह इच्छा पूर्ण होती नहीं दिखाई देती।

11

"निज जीवन की एक छटा" क्या है?

'निज जीवन की एक छटा' रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा का नाम है। उन्होंने इसे जेल में चोरी-छिपे लिखा और जेल से बाहर भेजा। इस पुस्तक ने अंग्रेज़ों के होश उड़ा दिए और लोगों में अंग्रेज़ों के विरुद्ध क्रोध और बढ़ा दिया। "मेरी माँ" इसी आत्मकथा का एक अंश है।

12

रामप्रसाद 'बिस्मिल' कौन थे?

रामप्रसाद 'बिस्मिल' (1897–1927) भारत के क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, कवि और लेखक थे। उन्होंने 'सरफ़रोशी की तमन्ना' जैसा प्रसिद्ध देशभक्ति गीत लिखा। भगत सिंह ने उन्हें बड़ा होनहार नौजवान और गज़ब का शायर बताया था। मात्र तीस वर्ष की आयु में अंग्रेज़ सरकार ने उन्हें फाँसी दी।

13

"मेरी माँ" पाठ में सत्य का क्या महत्त्व दिखाया गया है?

बिस्मिल लिखते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में हमेशा सत्य का आचरण किया। जब वकील साहब ने उन्हें पिताजी के जाली हस्ताक्षर करने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया, क्योंकि यह धर्म-विरुद्ध और पाप होता। यह सत्य-निष्ठा माताजी की शिक्षा का ही परिणाम थी।

14

क्या Meri Maa अध्याय की PDF मुफ़्त है?

हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।

Keep learning

More chapters in Malhar

This is the complete Malhar Chapter 6 as published by NCERT — every diagram, solved example, and exercise included, free. Browse all NCERT Class 6 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App