Summary
'Rahim ke Dohe' Class 6 Hindi (Malhar) ka doha-sangrah hai — इसमें कवि अब्दुर्रहीम खानखाना ने नीति, प्रेम, मित्रता और परोपकार पर सात दोहों के माध्यम से जीवन के व्यावहारिक सत्य प्रस्तुत किए हैं।
मल्हार कक्षा 6 के इस पाठ में भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि अब्दुर्रहीम खानखाना के सात दोहे संकलित हैं। इन दोहों में रहीम ने सिखाया है कि हर छोटी-बड़ी वस्तु का अपना महत्व होता है; प्रेम के धागे को टूटने से बचाना चाहिए; पानी की तरह मान-सम्मान की रक्षा करनी चाहिए; वृक्ष और सरोवर की तरह परोपकार करना चाहिए; विपत्ति में ही सच्चे मित्र की पहचान होती है और जिह्वा पर नियंत्रण रखते हुए सोच-समझकर बोलना चाहिए। ये दोहे आज भी जनजीवन में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
Key points & formulas
- 01कवि: अब्दुर्रहीम खानखाना (रहीम) — भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि; जन्म 16वीं शताब्दी, मृत्यु 17वीं शताब्दी; अवधी और ब्रजभाषा में रचनाएँ कीं।
- 02विधा: दोहे — नीति, भक्ति और प्रेम पर आधारित सात दोहों का संकलन।
- 03केंद्रीय भाव: परोपकार, प्रेम की रक्षा, मान-सम्मान का महत्व, सच्ची मित्रता की पहचान और विवेकपूर्ण वाणी।
- 04प्रमुख काव्य-सौंदर्य: प्रकृति के उदाहरणों (तरुवर, सरवर) से मानवीय गुणों का चित्रण; 'पानी' शब्द के एक ही स्थान पर तीन अर्थ — जल, सम्मान और चमक।
- 05कठिन शब्दार्थ: तरुवर = वृक्ष/पेड़; सरवर = तालाब/सरोवर; सुजान = सज्जन/बुद्धिमान।
- 06कठिन शब्दार्थ: जिह्वा = जीभ; बावरी = पागल/मूर्ख; कपाल = माथा/ललाट।
- 07कठिन शब्दार्थ: बिपति = विपत्ति/मुसीबत; साँचे = सच्चे; छिटकाय = झटके से/तेज़ी से।
Frequently asked questions
01Rahim ke Dohe का सारांश क्या है?
इस पाठ में रहीम के सात दोहे हैं जो नीति और जीवन-ज्ञान से भरे हैं — हर वस्तु का अपना महत्व है, प्रेम को सँजोना चाहिए, मान-सम्मान की रक्षा करनी चाहिए, सच्चे मित्र विपत्ति में पहचाने जाते हैं और सोच-समझकर बोलना चाहिए।
02Rahim ke Dohe के कवि कौन हैं?
इस पाठ के कवि अब्दुर्रहीम खानखाना हैं, जिन्हें रहीम के नाम से जाना जाता है। वे भक्तिकाल के प्रसिद्ध कवि थे। उनका जन्म 16वीं शताब्दी में और मृत्यु 17वीं शताब्दी में हुई थी।
03Rahim ke Dohe का केंद्रीय भाव क्या है?
इन दोहों का केंद्रीय भाव है — परोपकार, प्रेम की रक्षा, मान-सम्मान का महत्व, सच्ची मित्रता की पहचान और विवेकपूर्ण वाणी। रहीम प्रकृति और दैनिक जीवन के उदाहरणों से ये सीखें देते हैं।
04"रहिमन पानी राखिये" दोहे में 'पानी' के कितने अर्थ हैं?
इस दोहे में 'पानी' शब्द के तीन अर्थ हैं — सम्मान (मनुष्य के लिए), चमक (मोती के लिए) और जल (चून/आटे के लिए)। रहीम कहते हैं कि इन तीनों के लिए पानी बिना सब व्यर्थ है।
05"रहिमन धागा प्रेम का" दोहे का भावार्थ क्या है?
रहीम कहते हैं कि प्रेम का धागा बहुत नाज़ुक होता है, इसे झटके से नहीं तोड़ना चाहिए। एक बार टूट जाने पर यह फिर जुड़ता नहीं, और अगर जुड़ भी जाए तो गाँठ पड़ जाती है — अर्थात् रिश्तों में दूरी आ जाती है।
06"तरुवर फल नहिं खात हैं" दोहे में क्या संदेश दिया गया है?
रहीम कहते हैं कि जैसे पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और तालाब अपना पानी स्वयं नहीं पीते, उसी तरह सज्जन पुरुष दूसरों के भले के लिए संपत्ति संचित करते हैं। यह दोहा परोपकार का संदेश देता है।
07"बिपति कसौटी जे कसे, ते ही साँचे मीत" का अर्थ क्या है?
रहीम कहते हैं कि सुख में तो बहुत लोग साथ होते हैं, लेकिन जो विपत्ति की कसौटी पर खरे उतरें — अर्थात् मुसीबत में साथ दें — वही सच्चे मित्र होते हैं। विपत्ति ही मित्रता की असली परख होती है।
08"रहिमन जिह्वा बावरी" दोहे का क्या भाव है?
रहीम कहते हैं कि जीभ बहुत पागल/मूर्ख है — वह स्वर्ग-पाताल तक की बातें कह देती है, पर खुद तो मुँह के अंदर सुरक्षित रहती है और कपाल (माथे) को मार पड़ती है। इसका भाव है — सोच-समझकर बोलना चाहिए।
09रहीम ने किस भाषा में दोहे लिखे?
रहीम ने अवधी और ब्रजभाषा दोनों में कविताएँ लिखी हैं। उनके दोहे नीति, भक्ति और प्रेम के विषयों पर आधारित हैं।
10"रहिमन बिपदाहू भली" दोहे का अर्थ क्या है?
रहीम कहते हैं कि विपदा (मुसीबत) भी अच्छी होती है, यदि वह थोड़े दिनों के लिए हो; क्योंकि विपत्ति में ही पता चलता है कि इस संसार में कौन हितैषी है और कौन नहीं।
11"रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि" दोहे का भाव क्या है?
इस दोहे का भाव है कि बड़ी चीज़ को देखकर छोटी चीज़ को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। जहाँ सुई काम आती है, वहाँ तलवार कुछ नहीं कर सकती। हर छोटी-बड़ी वस्तु की अपनी उपयोगिता और महत्व होता है।
12Rahim ke Dohe summary in hindi
मल्हार कक्षा 6 पाठ 5 में कवि रहीम (अब्दुर्रहीम खानखाना) के सात दोहे हैं। इनमें सिखाया गया है — हर वस्तु का अपना महत्व है, प्रेम को सँजोना चाहिए, मान-सम्मान की रक्षा ज़रूरी है, परोपकार ही श्रेष्ठ गुण है, विपत्ति में सच्चे मित्र की पहचान होती है और जीभ को सोच-समझकर चलाना चाहिए।
13क्या Rahim ke Dohe अध्याय की PDF मुफ़्त है?
हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।
More chapters in Malhar
This is the complete Malhar Chapter 5 as published by NCERT — every diagram, solved example, and exercise included, free. Browse all NCERT Class 6 textbooks.
Read offline with notes, solutions & mock tests
CBSE Prepmaster — free on iOS & Android