Summary
पाठ 14 — "बरखा और मेघा" कक्षा 1 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक छोटी कहानी है जिसमें दो सहेलियाँ — मुर्गी मेघा और बत्तख बरखा — अपने-अपने बच्चों के साथ मेला देखने दूसरे गाँव जाती हैं, रास्ते में नदी आने पर मिलकर उसे पार करती हैं, और यह सीख देती हैं कि मिलजुलकर काम करने से हर मुश्किल हल हो जाती है।
- कहानी का सारांश — मुर्गी मेघा और बत्तख बरखा दोनों सहेलियाँ अपने-अपने तीन बच्चों के साथ मेला देखने दूसरे गाँव जाती हैं। रास्ते में नदी आ जाती है और सब मिलकर उसे पार कर लेते हैं।
- मुख्य भाव — मिलजुल कर काम करना — जब मेघा नदी देखकर डर जाती है, तो बरखा सबको पास बुलाती है और अपनी युक्ति बताती है। इस कहानी का मुख्य भाव यह है कि मिलकर काम करने से कठिन से कठिन काम भी आसान हो जाता है।
- पात्र — मेघा और बरखा — मेघा एक मुर्गी है और बरखा एक बत्तख है — दोनों पक्की सहेलियाँ हैं। बत्तख बरखा पानी में तैर सकती है, इसीलिए वह नदी पार करने का रास्ता सुझाती है।
- पाठ से सीख — इस कहानी से बच्चे सीखते हैं कि मुसीबत के समय घबराने की जगह दोस्त की मदद लेनी चाहिए। मिलजुल कर काम करने से सब खुशी से आगे बढ़ सकते हैं।
- बातचीत और गतिविधि — पाठ के अंत में बच्चों से पूछा गया है कि मेघा और बरखा ने नदी कैसे पार की और मेले में क्या-क्या मिला होगा। इससे बच्चों की कल्पना और बोलने की क्षमता बढ़ती है।
Key points & formulas
- 01इस कहानी में दो सहेलियाँ हैं — मुर्गी मेघा और बत्तख बरखा।
- 02दोनों सहेलियों के तीन-तीन बच्चे हैं।
- 03सब मिलकर मेला देखने दूसरे गाँव जाते हैं।
- 04रास्ते में नदी आने पर मेघा डर जाती है।
- 05बरखा सबको पास बुलाकर अपनी युक्ति बताती है और सब तैरकर नदी पार कर लेते हैं।
- 06यह कहानी आमस्तक मिश्रा द्वारा लिखी गई है।
- 07कहानी की सीख है — मिलजुल कर काम करने से हर मुश्किल आसान हो जाती है।
Frequently asked questions
01"बरखा और मेघा" कहानी में कौन-कौन से पात्र हैं?
इस कहानी में दो मुख्य पात्र हैं — मुर्गी मेघा और बत्तख बरखा। दोनों सहेलियाँ हैं और दोनों के तीन-तीन बच्चे हैं।
02मेघा और बरखा कहाँ जा रहे थे?
मेघा और बरखा अपने-अपने बच्चों के साथ मेला देखने दूसरे गाँव जा रहे थे।
03रास्ते में क्या रुकावट आई?
रास्ते में नदी आ गई। मेघा को डर लगा कि वे डूब जाएंगे।
04मेघा ने नदी देखकर क्या कहा?
मेघा ने कहा, "हम नदी कैसे पार करेंगे? हम तो डूब जाएंगे।" वह घबरा गई थी।
05बरखा ने नदी पार करने का क्या तरीका सुझाया?
बरखा ने सबको पास बुलाया और अपनी युक्ति बताई। बरखा बत्तख है इसलिए तैर सकती है, और उसने सबको तैरकर नदी पार करने का रास्ता दिखाया।
06क्या सब नदी पार कर पाए?
हाँ, सब नदी पार कर गए। सब खुशी से उछल पड़े और हुर्रे! करते हुए आगे बढ़े।
07इस कहानी के लेखक कौन हैं?
यह कहानी आमस्तक मिश्रा ने लिखी है। यह मफरकी बच्चों की पत्रिका से साभार ली गई है।
08इस कहानी से बच्चों को क्या सीख मिलती है?
इस कहानी से सीख मिलती है कि मुसीबत में घबराना नहीं चाहिए। दोस्त की मदद से और मिलजुल कर काम करने से हर मुश्किल हल हो जाती है।
09मेघा और बरखा के कितने-कितने बच्चे थे?
मेघा (मुर्गी) के तीन बच्चे थे और बरखा (बत्तख) के भी तीन बच्चे थे।
10बरखा कौन सा जानवर है और उसमें क्या खास बात है?
बरखा एक बत्तख है। बत्तख पानी में तैर सकती है, इसीलिए वह नदी पार करने में सबकी मदद कर सकी।
11पाठ के अंत में बच्चों से कौन से सवाल पूछे गए हैं?
पाठ के अंत में पूछा गया है कि मेघा और बरखा ने नदी कैसे पार की, मेले में क्या-क्या मिला होगा, और मेला घर से कितनी दूर है तथा वहाँ कैसे पहुँचते हैं।
12क्या यह पाठ कविता है या कहानी?
यह एक छोटी कहानी (गद्य) है। इसमें मेघा और बरखा के बीच बातचीत और उनकी समझदारी को दिखाया गया है।
13मेघा किस जानवर का नाम है?
मेघा एक मुर्गी का नाम है। वह बरखा (बत्तख) की सहेली है।
14सारंगी कक्षा 1 हिंदी का पाठ 14 किस विषय पर आधारित है?
यह पाठ दोस्ती, मिलकर काम करना और मुसीबत में हिम्मत रखने के विषय पर आधारित है। इसमें जानवरों के माध्यम से बच्चों को सहयोग का पाठ पढ़ाया गया है।
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