HindiClass 7

Malhar

Hindi Textbook (New)10 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Malhar

A quick revision map of Malhar — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

Maa, Kah Ek Kahani

'Maa, Kah Ek Kahani' Class 7 Hindi (Malhar) ki kavita hai jo rashtraakavi Maithilisharan Gupt ne likhi hai — यह माँ यशोधरा और पुत्र राहुल के बीच संवाद के माध्यम से करुणा और न्याय का संदेश देती है।

  • 1कवि: मैथिलीशरण गुप्त (1886–1964), राष्ट्रकवि; जन्म — चिरगाँव, झाँसी (उ.प्र.); साकेत, भारत-भारती और यशोधरा उनकी प्रमुख काव्य-कृतियाँ हैं; यह कविता यशोधरा से ली गई है।
  • 2विधा: कविता — संवादात्मक और वर्णनात्मक शैली में रचित।
  • 3केंद्रीय भाव: करुणा और न्याय परस्पर पूरक हैं — निरपराध की रक्षा करना और रक्षक का पक्ष लेना ही सच्चा न्याय है।
  • 4मुख्य पात्र: माँ यशोधरा, पुत्र राहुल, तात/पिता सिद्धार्थ (जो बाद में गौतम बुद्ध बने), आखेटक (शिकारी)।
  • 5मुख्य घटना: हंस खर-शर (तेज तीर) से घायल हुआ → पिता ने बचाया → आखेटक ने हठ की → विवाद न्यायालय तक पहुँचा → राहुल ने निर्णय दिया।
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Teen Buddhimaan

'Teen Buddhimaan' Class 7 Hindi (Malhar) ki ek lokkatha hai — yah ek nirdhana pita ke teen buddhiman putron ki kahani hai jo pani drishti aur tivra buddhi ke bal par ek khoye hue oont ka rahasya suljhate hain aur raja ka vishwas jeette hain.

  • 1विधा: लोककथा — पाठ में इसे बार-बार 'लोककथा' कहा गया है; कोई एक लेखक नहीं।
  • 2केंद्रीय भाव: पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि ही सबसे बड़ा धन है — बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत इंसान को हर कठिन परिस्थिति में सफल बनाती है।
  • 3मुख्य पात्र: तीन भाई (बड़ा, मझला, छोटा), घुड़सवार (ऊँट का स्वामी), राजा
  • 4ऊँट की पहचान: बड़े ने धूल के पैरों के चिह्नों से बड़ा आकार जाना; मझले ने दाईं ओर की घास चरी और बाईं ओर अछूती देखकर एक आँख का अंधापन पहचाना; छोटे ने घुटने टेकने के निशान, महिला के जूतों के निशान और छोटे पैरों के चिह्नों से महिला व बच्चे का पता लगाया।
  • 5कठिन शब्दार्थ — पैनी दृष्टि: तेज़ और सूक्ष्म अवलोकन करने की क्षमता
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Phool aur Kaanta

'Phool aur Kaanta' Class 7 Hindi (Malhar) ki kavita hai, jiske kavi Ayodhya Singh Upadhyay 'Hariaudh' hain — इसमें फूल और काँटे के भिन्न स्वभाव के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि व्यक्ति की पहचान कुल की बड़ाई से नहीं, बल्कि उसके अपने गुणों और कर्मों से होती है।

  • 1कवि: अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' (1865–1947); जन्म — आजमगढ़, उत्तर प्रदेश; इनकी प्रसिद्ध काव्य-कृति 'प्रियप्रवास' को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है।
  • 2विधा: कविता
  • 3केंद्रीय भाव: समान परिस्थितियों (एक ही पौधा, एक सी चाँदनी, वर्षा, हवा) में पले-बढ़े फूल और काँटे के स्वभाव बिल्कुल अलग हैं — इसी के माध्यम से कवि ने बताया है कि व्यक्ति की महानता उसके कुल से नहीं, उसके गुणों और कर्मों से पहचानी जाती है।
  • 4फूल — तितलियों को गोद में लेता है, भौंरे को अनूठा रस पिलाता है, सुगंध और रंग से कलियों को प्रसन्न करता है; काँटा — उँगलियाँ छेदता है, वस्त्र फाड़ता है, तितलियों के पंख काटता है, भौंरे के काले शरीर को घायल करता है।
  • 5कठिन शब्दार्थ — मेह = वर्षा; वर बसन = उत्तम (श्रेष्ठ) वस्त्र; अनूठा = अनोखा, अद्वितीय
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Paani Re Paani

'Paani Re Paani' Class 7 Hindi (Malhar) ka nibandh hai — इसमें लेखक अनुपम मिश्र ने जल-चक्र, जल-संकट और जल-संरक्षण के महत्त्व को समझाते हुए बताया है कि तालाबों और भूजल की रखवाली ही अकाल व बाढ़ दोनों से बचने का उपाय है।

  • 1लेखक: अनुपम मिश्र (1948–2016) — प्रखर लेखक, संपादक, पर्यावरणविद और छायाकार
  • 2विधा: निबंध (पर्यावरण विषयक)
  • 3केंद्रीय भाव: जल-संरक्षण — तालाबों और भूजल की रक्षा करके अकाल व बाढ़ दोनों से बचा जा सकता है
  • 4मुख्य विचार: 'अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं' — दोनों का कारण जल-प्रबंधन की कमी है
  • 5धरती रूपी गुल्लक: तालाब और झीलों में संग्रहित वर्षा-जल रिसकर भूजल भंडार को समृद्ध करता है, जो बरसात के बाद पूरे साल काम आता है
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Nahin Hona Beemar

'Nahin Hona Beemar' Class 7 Hindi (Malhar) ka ek hasya-kahaani hai jise Swayam Prakash ne likha hai — ek bachche ki vah katha jo beemar padne ka natak karta hai aur pura din bhooka-akela reh kar seekhta hai ki jhooth ka fal kadi saza hoti hai.

  • 1लेखक: स्वयं प्रकाश (1947–2019) — हिंदी के जाने-माने कहानीकार, बच्चों और बड़ों दोनों के लिए रोचक कहानियाँ लिखते थे।
  • 2विधा: हास्य कहानी (बाल-कहानी), प्रथम पुरुष शैली में लिखी गई।
  • 3केंद्रीय भाव: झूठ और बहाने का परिणाम दुखद होता है; असली बीमारी और कल्पना की बीमारी में ज़मीन-आसमान का फ़र्क होता है।
  • 4मुख्य पात्र: कहानी का बच्चा (कथावाचक), नानीजी, नानाजी, सुधाकर काका, मुन्नू।
  • 5शब्दार्थ — साबूदाना: सागू वृक्ष के तने के गूदे से बना दाना, जो उपवास और बीमारी में खिलाया जाता है।
06

Giridhar Kaviray Ki Kundaliya

'Giridhar Kaviray Ki Kundaliya' Class 7 Hindi (Malhar) ki do neetiparaK kundaliyaan hain — इसमें गिरधर कविराय बिना सोचे-समझे काम न करने और बीती बातों को भूलकर आगे बढ़ने का सरल व सीधा संदेश देते हैं।

  • 1कवि: गिरधर कविराय (अठारहवीं सदी के प्रसिद्ध नीतिकाव्य-रचयिता)
  • 2विधा: कुंडलियाँ (नीतिपरक काव्य — दो-दो पंक्तियों में बात कही गई है)
  • 3केंद्रीय भाव: बिना विचार किए काम मत करो; अतीत की गलतियों को भूलकर भविष्य पर ध्यान दो
  • 4कुंडलिया की विशेषता: हर कुंडलिया का पहला या दूसरा शब्द उसका अंतिम शब्द भी होता है, और पंक्तियाँ पढ़ते समय बातचीत जैसा अनुभव होता है
  • 5कठिन शब्दार्थ: पिछताय = पछताना; बिसारि = भूल जाना; परतीती = विश्वास
07

Varsha-Bahaar

'Varsha-Bahaar' Class 7 Hindi (Malhar) ka kavita hai — मुकुटधर पाण्डेय द्वारा रचित यह कविता वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता और उससे उत्पन्न सर्वव्यापी आनंद का मनोरम वर्णन करती है।

  • 1कवि: मुकुटधर पाण्डेय (1895–1989); जन्म — छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में; भारत सरकार द्वारा 'पद्मश्री' से सम्मानित; रचनाएँ 'सरस्वती' और 'माधुरी' पत्रिकाओं में प्रकाशित होती थीं।
  • 2विधा: कविता (वर्षा ऋतु पर आधारित प्रकृति-वर्णन कविता)।
  • 3केंद्रीय भाव: वर्षा ऋतु सबके मन को लुभाती है और सारे जगत की शोभा वर्षा पर निर्भर है।
  • 4कविता में गीत गाने वाले तीन हैं — मालिनें (बागों में), मेंढक (सुगीत गाकर) और किसान (खेतों में मनहर गीत)।
  • 5शब्दार्थ — नभ: आकाश; छटा: प्राकृतिक दृश्य या शोभा; घनघोर: घने और घिरे हुए बादल।
08

Birju Maharaj Se Saakshaatkaar

'Birju Maharaj Se Saakshaatkaar' Class 7 Hindi (Malhar) ka saakshaatkaar hai — इसमें पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज कथक नृत्य की परंपरा, अपने बचपन के संघर्ष, गुरु-शिष्य संबंध और लय के महत्त्व पर विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हैं।

  • 1विधा: साक्षात्कार — विद्यार्थियों श्रेया, तनुश्री और माणिक द्वारा पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज से लिया गया
  • 2केंद्रीय भाव: कथक नृत्य की परंपरा और गुरु-शिष्य संबंध; लय जीवन में संतुलन व अनुशासन सिखाती है; हुनर ऐसा खज़ाना है जिसे कोई नहीं छीन सकता
  • 3बचपन में पिता अच्छन महाराज के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आया; माँ ने कर्ज़ लेकर और पुरानी ज़री की साड़ियाँ जलाकर गुज़ारा किया; हर हाल में अभ्यास जारी रखने की प्रेरणा दी
  • 4गुरु थे पिता अच्छन महाराज, चाचा शंभू महाराज और लच्छू महाराज; घर के माहौल से औपचारिक प्रशिक्षण से पहले ही नवाब के दरबार में नाचने लगे थे
  • 5कठिन शब्दार्थ — गंडा: गुरु द्वारा शिष्य को बाँधा जाने वाला ताबीज़, जो कथक की तालीम शुरू होने पर गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है
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Chidiya

'Chidiya' Class 7 Hindi (Malhar) ki kavita hai, jiske kavi Arsi Prasad Singh hain — इस कविता में चिड़िया के माध्यम से मनुष्य को प्रेम, स्वतंत्रता और मानवता की राह अपनाने का संदेश दिया गया है।

  • 1कवि: आरसी प्रसाद सिंह (1911–1996); उनके चर्चित काव्य-संग्रह — 'कलापी' और 'आरसी'।
  • 2विधा: कविता
  • 3केंद्रीय भाव: पक्षी मनुष्य को प्रेम, सहयोग, निःस्वार्थता और स्वतंत्र जीवन जीने का संदेश देते हैं।
  • 4पक्षियों के गुण: मिल-जुलकर रहना-खाना, श्रम से जीना, बचा हुआ औरों को देना, सीमाहीन गगन में निर्भय विचरण करना, लोभ-पाप-परवाह से दूर रहना।
  • 5मनुष्य को संदेश: सोने की कड़ियाँ (बंधन) तोड़ो; द्रोह-भावना को छोड़ो; पक्षियों से स्वच्छंद जीवन जीना सीखो।
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Meera Ke Pad

'Meera Ke Pad' Class 7 Hindi (Malhar) ka bhakti-pad hai — इसमें संत कवयित्री मीरा ने दो पदों के माध्यम से श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अटूट भक्ति और प्रेम व्यक्त किया है।

  • 1कवयित्री: मीरा — संत कवयित्री और कृष्णभक्त; ये पद लगभग 500 वर्ष पूर्व रचे गए थे
  • 2विधा: भक्ति-पद (भजन) — दो पद हैं
  • 3केंद्रीय भाव: श्रीकृष्ण के प्रति गहरी भक्ति; उनकी मनोहर छवि को अपनी आँखों में बसाने की कामना
  • 4पहले पद में श्रीकृष्ण के रूप का वर्णन — अधर पर बाँसुरी, उर पर वैजंती माला, कमर पर क्षुद्र घंटिकाएँ, पैरों में मधुर नूपुर
  • 5दूसरे पद में सावन का चित्रण — उमड़ते-घुमड़ते बादल, दामिनी की चमक, नन्ही बूँदें, शीतल पवन; मीरा को हरि के आने की भनक सुनकर मन में उमंग आती है

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