Class 6 Sanskrit

Chapter 2 — Samyukta-Vyanjanani

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Overview

Summary

'Samyukta-Vyanjanani' Class 6 Sanskrit (Deepakam) ka paath hai — इस पाठ में दो या अधिक व्यञ्जन-वर्णों के मेल से बनने वाले संयुक्त-व्यञ्जनों की पहचान, वर्ण-वियोग (शब्द को वर्णों में तोड़ना) और वर्ण-संयोग (वर्णों को जोड़कर शब्द बनाना) सिखाया गया है।

दीपकम् (कक्षा ६) के इस पाठ में संस्कृत के संयुक्त-व्यञ्जनों का परिचय दिया गया है। जब दो या अधिक व्यञ्जन-वर्ण मिलते हैं तो संयुक्त-व्यञ्जन बनते हैं। पाठ में क्ष, त्र, ज्ञ और द्य जैसे प्रमुख संयुक्त-व्यञ्जन उदाहरण सहित समझाए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये नए वर्ण नहीं, बल्कि पृथक् वर्णों की विशिष्ट लेखन-शैली है। इसके अतिरिक्त वर्ण-वियोग और वर्ण-संयोग के अभ्यास तथा अनेक महत्त्वपूर्ण शब्दों के हिन्दी व अंग्रेज़ी अर्थ भी दिए गए हैं।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01दो या अधिक व्यञ्जन-वर्णों के मेल से संयुक्त-व्यञ्जन बनते हैं — जैसे क् + ष् + अ = क्ष, त् + र् + अ = त्र।
  2. 02पाठ में चार प्रमुख संयुक्त-व्यञ्जन विस्तार से सिखाए गए हैं: क्ष (कक्षा), त्र (पत्रम्), ज्ञ (ज्ञानम्), द्य (विद्या)।
  3. 03संयुक्त-व्यञ्जन नवीन वर्ण नहीं हैं — ये पृथक्-पृथक् व्यञ्जन-वर्णों की विशिष्ट लेखन-शैली मात्र हैं।
  4. 04वर्ण-वियोग अभ्यास: शब्दों को उनके मूल वर्णों में अलग करना — जैसे अजः = अ + ज् + अ + ः।
  5. 05वर्ण-संयोग अभ्यास: वर्णों को जोड़कर शब्द पहचानना — जैसे द् + आ + श् + अ + र् + अ + थ् + इ + ः = दाशरथिः।
  6. 06पाठ में अनेक शब्दों के अर्थ दिए गए हैं — जैसे: अर्णवः = सागर, पङ्कजम् = कमल, जाह्नवी = गङ्गा, सप्तर्षिः = सात महान् ऋषियों का समूह, वज्रम् = इन्द्र का शस्त्र / हीरा।
  7. 07परियोजना-कार्य: पुस्तक के अन्य पाठों से दस संयुक्त-व्यञ्जन वाले शब्द खोजकर उनका वर्ण-वियोग करना है।
Questions

Frequently asked questions

01

Samyukta-Vyanjanani paath mein kya sikhaya gaya hai?

इस पाठ में दो या अधिक व्यञ्जन-वर्णों के मेल से बनने वाले संयुक्त-व्यञ्जनों की पहचान, वर्ण-वियोग (शब्द तोड़ना) और वर्ण-संयोग (वर्ण जोड़कर शब्द बनाना) सिखाया गया है।

02

Samyukta-Vyanjanani ka arth kya hai?

संयुक्त-व्यञ्जन का अर्थ है — दो या अधिक व्यञ्जन-वर्णों के मेल से बना वर्ण। जैसे क् + ष् = क्ष, त् + र् = त्र, ज् + ञ् = ज्ञ, द् + य् = द्य।

03

क्ष, त्र, ज्ञ और द्य कैसे बनते हैं?

क्ष = क् + ष् + अ (जैसे कक्षा), त्र = त् + र् + अ (जैसे पत्रम्), ज्ञ = ज् + ञ् + अ (जैसे ज्ञानम्), द्य = द् + य् + अ (जैसे विद्या) — ये सभी दो व्यञ्जनों के मेल से बने संयुक्त-व्यञ्जन हैं।

04

क्या संयुक्त-व्यञ्जन नए वर्ण होते हैं?

नहीं। पाठ में स्पष्ट बताया गया है — संयुक्त-व्यञ्जन नवीन वर्ण नहीं हैं, बल्कि पृथक्-पृथक् व्यञ्जन-वर्णों की विशिष्ट लेखन-शैली है।

05

वर्ण-वियोग क्या होता है?

किसी शब्द को उसके मूल वर्णों में अलग-अलग करना वर्ण-वियोग कहलाता है। जैसे — अजः = अ + ज् + अ + ः।

06

वर्ण-संयोग क्या होता है?

अलग-अलग वर्णों को जोड़कर एक पूरा शब्द बनाना वर्ण-संयोग कहलाता है। जैसे — द् + आ + श् + अ + र् + अ + थ् + इ + ः = दाशरथिः।

07

पाठ में अर्णवः का अर्थ क्या है?

अर्णवः = समुद्रः — हिन्दी में सागर, अंग्रेज़ी में Sea / Ocean।

08

जाह्नवी का अर्थ क्या है?

जाह्नवी = जह्नु ऋषि की पुत्री — गङ्गा (Ganga)।

09

पाठ में पङ्कजम् का अर्थ क्या बताया गया है?

पङ्कजम् = पद्मम् = कमल (Lotus)।

10

दाशरथिः का अर्थ क्या है?

दाशरथिः = दशरथ का पुत्र।

11

सप्तर्षिः किसे कहते हैं?

सप्तर्षिः = सात महान् ऋषियों का समूह।

12

वज्रम् का क्या अर्थ है?

वज्रम् = इन्द्र का शस्त्र / हीरा (Indra's weapon / Diamond)।

13

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