Class 2 Hindi

Chapter 25 — सबसे बड़ा छाता

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Overview

Summary

पाठ 25 — "सबसे बड़ा छाता" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक मज़ेदार कविता-कहानी है जिसमें एक बच्चा बारिश में अपने दोस्तों को एक-एक करके छाते में बुलाता है और हर बार छाता छोटा पड़ जाता है, इसलिए ख़याल चाचू से और बड़ा छाता माँगा जाता है। अंत में सबसे बड़े छाते की कामना की जाती है जिसके नीचे दुनिया के सारे बच्चे आ सकें।

  • सारांश — बारिश और छाताझमा-झम बारिश हो रही है। पूरा शहर गीला हो जाता है, लेकिन मेरे पास छाता है। मैं और सलीम उसमें बिल्कुल सूखे और गरम हैं।
  • दोस्तों को बुलाना और छाता छोटा पड़नामैं एक-एक करके टिल्लू, लता, मोनू, शलीन, सनत, सोनू, हामिद और हरमीत सबको छाते में बुला लेता हूँ। हर बार जब नए दोस्त आते हैं, छाता छोटा पड़ जाता है।
  • ख़याल चाचू का बड़ा छाताजब भी छाता छोटा पड़ता है, ख़याल चाचू से और बड़ा छाता लाया जाता है। इस तरह तीन बार बड़ा छाता लिया जाता है।
  • मुख्य भाव — मिल-बाँटकर रहनाइस पाठ का मुख्य भाव यह है कि बारिश में किसी दोस्त को भीगते नहीं छोड़ना चाहिए। मिल-बाँटकर रहने से खुशी बढ़ती है।
  • पाठ से सीखहमें अपने दोस्तों की मदद करनी चाहिए और उन्हें मुश्किल में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। जितने ज़्यादा दोस्त साथ हों, उतना ज़्यादा मज़ा आता है।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01बारिश इतनी तेज़ थी कि बिस्तर, अम्मा की साड़ी और दादी का कंबल सब गीले हो गए।
  2. 02मैं और सलीम छाते के अंदर बिल्कुल सूखे और गरम थे।
  3. 03टिल्लू, लता, मोनू, शलीन, सनत, सोनू, हामिद और हरमीत — ये सभी बच्चे छाते में आए।
  4. 04हर बार नए दोस्त आने पर छाता छोटा पड़ जाता था।
  5. 05ख़याल चाचू तीन बार बड़ा छाता देते हैं।
  6. 06अंत में सबसे बड़े छाते की चाह थी जिसमें दुनिया के सारे बच्चे आ सकें।
  7. 07यह पाठ मनोज कुमार द्वारा लिखा गया है।
Questions

Frequently asked questions

01

"सबसे बड़ा छाता" पाठ किसने लिखा है?

यह पाठ मनोज कुमार ने लिखा है।

02

बारिश में कौन-कौन सी चीज़ें गीली हो गईं?

बारिश में बिस्तर, अम्मा की साड़ी और दादी का कंबल गीले हो गए।

03

छाते के अंदर सबसे पहले कौन-कौन थे?

सबसे पहले मैं (कहानी का नायक) और सलीम छाते के अंदर थे और बिल्कुल सूखे और गरम थे।

04

हर बार छाता छोटा क्यों पड़ जाता था?

हर बार नए दोस्त छाते में आ जाते थे, इसलिए सबके लिए जगह कम पड़ जाती थी और छाता छोटा पड़ जाता था।

05

बड़ा छाता कौन देते थे?

हर बार ख़याल चाचू बड़ा छाता देते थे।

06

इस कहानी में कुल कितने बच्चों के नाम आए हैं?

इस कहानी में मैं, सलीम, टिल्लू, लता, मोनू, शलीन, सनत, सोनू, हामिद और हरमीत — कुल दस बच्चों के नाम आए हैं।

07

"झमा-झम" और "टप-टप" और "छप-छपाक" शब्द किस चीज़ की आवाज़ बताते हैं?

ये शब्द बारिश की अलग-अलग जगहों की आवाज़ें बताते हैं — छत पर झमा-झम, घर में टप-टप, और आँगन में छप-छपाक।

08

पाठ में सबसे बड़े छाते की कामना क्यों की गई?

सबसे बड़े छाते की कामना इसलिए की गई ताकि दुनिया के सारे बच्चे उसके नीचे आ सकें और बारिश में भीगें नहीं।

09

"खेल-खेल में" गतिविधि में बच्चों को क्या करना है?

बच्चों को आँखें बंद करके हथेली खोलनी है और एक, दो, तीन, चार उंगलियों से हथेली पर बजाकर बारिश की बूँदों की आवाज़ सुनने का अनुभव करना है।

10

"शब्दों का खेल" में बच्चों को क्या करना है?

बच्चों को दी गई तालिका में से विपरीत अर्थ वाले शब्द ढूँढकर लिखने हैं, जैसे दिन का विपरीत रात।

11

पाठ में बातचीत के लिए कौन-सा सवाल पूछा गया है?

पाठ में पूछा गया है कि क्या सच में कोई इतना बड़ा छाता बना सकता है जिसमें पूरी दुनिया के बच्चे आ जाएँ।

12

"पहेली" खंड में किसकी पहेली है?

पहेली खंड में दो पहेलियाँ हैं — एक तोते के पसंदीदा खाने से जुड़ी और एक ऐसी चीज़ से जुड़ी जो दिन-रात टिक-टिक करती रहती है और यह श्रीप्रसाद ने लिखी हैं।

13

छाते के कारण क्या फ़ायदा हुआ?

छाते की वजह से बच्चे बारिश में भी सूखे और गरम रहे। उन्हें बारिश में भीगना नहीं पड़ा।

14

इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?

इस पाठ से हमें सीख मिलती है कि दोस्तों की मदद करनी चाहिए और मिल-बाँटकर रहना चाहिए — साथ रहने में ही असली खुशी है।

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