Summary
पाठ 4 — "माँ" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी की एक छोटी-सी कविता है जिसमें कवि अनुभव राज ने माँ के प्यार, उनकी सच्चाई और उनसे मिलने वाले साहस व विश्वास को सरल शब्दों में बताया है। इस पाठ में चंद्रबिंदु (ँ) वाले शब्दों की पहचान और लेखन का अभ्यास भी कराया गया है।
- कविता का सारांश — इस कविता में बच्चा अपनी माँ को भोली-भाली, प्यारी-प्यारी और मिसरी जैसी मीठी बताता है। माँ को सारी दुनिया से अलग और न्यारी कहा गया है।
- माँ से मिलने वाली ताकत — कविता में बच्चा कहता है कि उसके मन में जोश, प्रकाश, साहस और विश्वास — सब माँ से ही आते हैं। माँ बच्चे की सबसे बड़ी शक्ति है।
- कवि का नाम — यह कविता अनुभव राज ने लिखी है। कविता सारंगी पाठ्यपुस्तक के यूनिट 1 में दी गई है।
- चंद्रबिंदु का कमाल (भाषा गतिविधि) — पाठ में बताया गया है कि 'मा' के ऊपर चंद्रबिंदु (ँ) लगाने से 'माँ' बन जाता है। बच्चों को आँख, बाँस, दाँत, बाँसुरी और साँप जैसे चंद्रबिंदु वाले शब्द पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराया गया है।
- रचनात्मक लेखन गतिविधि — बच्चों से कहा गया है कि कविता के शब्दों — भोली-भाली, प्यारी-प्यारी, दिल से सच्ची, जग से न्यारी — का उपयोग करके अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए दो-चार पंक्तियाँ लिखें। यह गतिविधि बच्चों को अपनी भाषा में मन की बात कहना सिखाती है।
Key points & formulas
- 01कविता 'माँ' अनुभव राज द्वारा लिखी गई है।
- 02माँ को भोली-भाली, प्यारी-प्यारी और मिसरी जैसी मीठी बताया गया है।
- 03माँ को सारे जग से न्यारी यानी सबसे अलग और खास कहा गया है।
- 04कविता में माँ से जोश, प्रकाश, साहस और विश्वास मिलने की बात है।
- 05'मा' पर चंद्रबिंदु (ँ) लगाने से 'माँ' बनता है — यही चंद्रबिंदु का कमाल है।
- 06पाठ में चंद्रबिंदु वाले पाँच शब्द हैं: आँख, बाँस, दाँत, बाँसुरी, साँप।
- 07बच्चों को कविता के शब्दों का उपयोग करके अपने परिवार के लिए पंक्तियाँ लिखने को कहा गया है।
Frequently asked questions
01'माँ' कविता किसने लिखी है?
'माँ' कविता अनुभव राज ने लिखी है। यह सारंगी पाठ्यपुस्तक के पाठ 4 में है।
02कविता में माँ को किसके जैसी बताया गया है?
कविता में माँ को मिसरी जैसी — यानी दिल से सच्ची और मीठी बताया गया है।
03'माँ' कविता में माँ के बारे में क्या-क्या कहा गया है?
माँ को भोली-भाली, प्यारी-प्यारी, दिल से सच्ची और सारे जग से न्यारी बताया गया है।
04कविता में बच्चे को माँ से क्या-क्या मिलता है?
बच्चे को माँ से जोश, प्रकाश, साहस और विश्वास मिलता है।
05'जग से न्यारी' का क्या अर्थ है?
'जग से न्यारी' का अर्थ है — सारी दुनिया से अलग और बहुत खास।
06चंद्रबिंदु क्या होता है?
चंद्रबिंदु (ँ) एक मात्रा है जो अक्षर के ऊपर लगाई जाती है। जैसे 'मा' के ऊपर चंद्रबिंदु लगाने से 'माँ' बनता है।
07पाठ में कौन-कौन से चंद्रबिंदु वाले शब्द दिए गए हैं?
पाठ में आँख, बाँस, दाँत, बाँसुरी और साँप — ये पाँच चंद्रबिंदु वाले शब्द दिए गए हैं।
08'माँ' पाठ में रचनात्मक लेखन गतिविधि क्या है?
बच्चों से कहा गया है कि कविता के शब्दों — भोली-भाली, प्यारी-प्यारी, दिल से सच्ची, जग से न्यारी — का उपयोग करके अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए दो-चार पंक्तियाँ लिखें।
09क्या बच्चे सिर्फ माँ के लिए ही पंक्तियाँ लिख सकते हैं?
नहीं, बच्चे अपने भाई, पिताजी, मित्र या परिवार के किसी भी सदस्य के लिए ये पंक्तियाँ लिख सकते हैं।
10'माँ' कविता किस पाठ्यपुस्तक में है?
'माँ' कविता कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी में पाठ 4 के रूप में है।
11'शब्दों का खेल' गतिविधि में बच्चे क्या करते हैं?
इस गतिविधि में बच्चे चित्रों को देखकर चंद्रबिंदु वाले शब्दों को पढ़ते हैं और उन्हें लिखने का अभ्यास करते हैं।
12कविता की पहली दो पंक्तियाँ कौन-सी हैं?
कविता की पहली दो पंक्तियाँ हैं — 'माँ तुम कितनी भोली-भाली, कितनी प्यारी-प्यारी हो।'
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