Summary
पाठ 22 — "चार दिशाएँ" कक्षा 2 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक सारंगी का एक छोटी कविता है जो सूरज की दिशा से पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — इन चारों दिशाओं को पहचानना सिखाती है। कविता में बच्चों को बताया गया है कि जिस ओर सूरज उगता है वह पूरब है, पीठ के पीछे पश्चिम है, बाईं ओर उत्तर है और दाईं ओर दक्षिण है।
- सारांश — यह कविता बताती है कि सूरज जिस ओर उगता है, उस ओर मुँह करके खड़े हो जाओ तो सामने पूरब है और पीठ के पीछे पश्चिम। बाईं ओर उत्तर और दाईं ओर दक्षिण होती है — इस तरह चारों दिशाएँ याद हो जाती हैं।
- मुख्य भाव — कविता का मुख्य भाव यह है कि प्रकृति में सूरज का उगना हमें दिशाओं का बोध कराता है। सरल शब्दों में चारों दिशाओं के नाम और उनकी पहचान का तरीका बच्चों को सहज ढंग से दिया गया है।
- पाठ से सीख — इस कविता से बच्चे सीखते हैं कि सूरज की मदद से दिशाओं का पता लगाया जा सकता है। पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — ये चारों दिशाएँ रोज़मर्रा के जीवन में काम आती हैं।
- बातचीत और गतिविधि — पाठ के अंत में बच्चों से पूछा गया है कि वे दिशा का अनुमान कैसे लगाते हैं और कुछ दिए गए शब्दों से अपनी-अपनी कहानी बनाकर कक्षा में सुनाने को कहा गया है। खेल-खेल में एक गोले में बैठकर दाईं-बाईं ओर के मित्रों की पहचान करने की गतिविधि भी है।
- आइए, कुछ बनाएँ — बच्चों को छोटे समूहों में चारों दिशाओं के नाम लिखे कार्ड बनाकर दीवारों पर सही जगह लगाने को कहा गया है। साथ ही चारों दिशाओं के लिए कुछ चित्र भी बनाने की गतिविधि दी गई है।
Key points & formulas
- 01सूरज जिस ओर उगता है, वह दिशा पूरब (East) कहलाती है।
- 02पूरब की ओर मुँह करके खड़े होने पर पीठ के पीछे पश्चिम (West) होता है।
- 03पूरब की ओर मुँह करने पर बाईं ओर उत्तर (North) होती है।
- 04पूरब की ओर मुँह करने पर दाईं ओर दक्षिण (South) होती है।
- 05चारों दिशाओं के नाम हैं — पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण।
- 06यह कविता यू.पी. बोर्ड एवं एस.सी.ई.आर.टी., यू.पी. से साभार ली गई है।
Frequently asked questions
01पाठ 'चार दिशाएँ' किस बारे में है?
यह पाठ पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण — इन चारों दिशाओं को सूरज की सहायता से पहचानना सिखाता है।
02सूरज किस दिशा में उगता है?
सूरज पूरब (East) दिशा में उगता है। इसीलिए कविता में कहा गया है कि जिधर सूरज उगता है, उधर मुँह करके खड़े हो जाओ।
03पूरब की ओर मुँह करने पर पीठ के पीछे कौन-सी दिशा होती है?
पूरब की ओर मुँह करने पर पीठ के पीछे पश्चिम (West) दिशा होती है।
04उत्तर दिशा किस ओर होती है?
जब हम पूरब की ओर मुँह करके खड़े होते हैं तो बाईं ओर उत्तर (North) दिशा होती है।
05दक्षिण दिशा किस ओर होती है?
जब हम पूरब की ओर मुँह करके खड़े होते हैं तो दाईं ओर दक्षिण (South) दिशा होती है।
06चार दिशाओं के नाम क्या हैं?
चार दिशाओं के नाम हैं — पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण।
07दिशा का अनुमान कैसे लगाते हैं?
सूरज जिस ओर उगता है वह पूरब है। उस ओर मुँह करके खड़े होने पर पीठ के पीछे पश्चिम, बाईं ओर उत्तर और दाईं ओर दक्षिण होती है।
08यह कविता किसने लिखी है?
पाठ्यपुस्तक में कविता के नीचे लिखा है कि यह कविता यू.पी. बोर्ड एवं एस.सी.ई.आर.टी., यू.पी. से साभार ली गई है।
09'चार दिशाएँ' पाठ की खेल-खेल में गतिविधि क्या है?
बच्चों को एक गोले में बैठकर यह बताना है कि उनके दाईं ओर और बाईं ओर कौन-कौन से मित्र बैठे हैं और वे किस नंबर पर हैं।
10'आइए, कुछ बनाएँ' गतिविधि में क्या करना है?
छोटे समूहों में चारों दिशाओं के नाम लिखे कार्ड बनाकर दीवारों पर सही जगह लगाने हैं और चारों दिशाओं के कुछ चित्र भी बनाने हैं।
11यह पाठ सारंगी की किस इकाई में है?
यह पाठ सारंगी कक्षा 2 की इकाई 5 'आकाश' में है।
12कविता में दिशाओं को याद करने का सबसे आसान तरीका क्या बताया गया है?
सूरज की दिशा (पूरब) की ओर मुँह करके खड़े होना — फिर सामने पूरब, पीठ पीछे पश्चिम, बाईं ओर उत्तर और दाईं ओर दक्षिण याद हो जाता है।
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