Class 12 Hindi

Chapter 14 — Sher, Pehchan, Chaar Haath, Sajha

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Overview

Summary

NCERT Class 12 Hindi Antra Sher, Pehchan, Chaar Haath, Sajha असगर वजाहत द्वारा लिखी चार लघुकथाएँ हैं जो सत्ता, राजा की स्वेच्छाचारिता, पूँजीवादी शोषण और किसानों की बदहाली पर तीखा व्यंग्य करती हैं।

असगर वजाहत की चार लघुकथाएँ — शेर, पहचान, चार हाथ और साझा — समाज की विसंगतियों पर व्यंग्यात्मक प्रहार करती हैं। शेर में सत्ता को शेर के प्रतीक से दर्शाया गया है जो प्रलोभन देकर सभी को निगलती है और विरोध पर दहाड़ती है। पहचान में राजा प्रजा को बहरा, गूँगा और अंधा बनाकर रखता है। चार हाथ में मिल मालिक मजदूरों का शोषण नए-नए तरीकों से करता है। साझा में हाथी साझेदारी के बहाने किसान की पूरी फसल हड़प लेता है। चारों कथाएँ प्रतीकात्मक शैली में व्यवस्था के छल को उजागर करती हैं।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक परिचय: असगर वजाहत का जन्म सन् 1946 में फतेहपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ; उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में अध्यापन किया; उनकी भाषा में गांभीर्य, सबल भावाभिव्यक्ति एवं व्यंग्यात्मकता है।
  2. 02विधा: ये चारों रचनाएँ लघुकथाएँ हैं — संक्षिप्त किंतु गहरे व्यंग्य और प्रतीकात्मकता से युक्त।
  3. 03शेर: शेर व्यवस्था (सत्ता) का प्रतीक है; गधा, लोमड़ी, उल्लू और कुत्तों का जुलूस — सब लोभ में उसके मुँह में जाते हैं; जैसे ही लेखक इनकार करता है, 'गौतम बुद्ध की मुद्रा में बैठा शेर दहाड़कर खड़ा हो गया और मेरी तरफ झपट पड़ा।'
  4. 04पहचान: राजा ने हुक्म दिया — आँखें बंद रखो, कानों में पिघला सीसा डलवाओ, होंठ सिलवाओ; खैराती, रामू और छिद्दू ने जब आँखें खोलीं तो सामने केवल राजा दिखाई दिया, वे एक-दूसरे को नहीं देख सके।
  5. 05चार हाथ: मिल मालिक ने वैज्ञानिकों से, कटे हाथों से, लकड़ी के हाथों से, लोहे के हाथों से मजदूरों को चार हाथ देने की कोशिश की; अंत में 'मजदूरी आधी कर दी और दुगुने मजदूर नौकर रख लिए।'
  6. 06साझा: हाथी ने साझे की खेती का झाँसा देकर किसान से गन्ना बुवाया; फसल तैयार होने पर सूँड से गन्ना पकड़कर आदमी के मुँह में छोर दिया — आदमी खिंचा तो गन्ना छोड़ दिया; 'हमने एक गन्ना खा लिया' — सारी फसल हाथी के पेट में चली गई।
  7. 07कठिन शब्दार्थ: 'सींग निकलना' — व्यवस्था से अलग रहना, बनी बनाई लीक से अलग चलना; 'डुग्गी पीटना' — प्रचार करना; 'उल्लू बनाना' — मूर्ख बनाना; 'निर्वाण' — जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति।
Questions

Frequently asked questions

01

शेर लघुकथा में शेर किसका प्रतीक है?

शेर व्यवस्था (सत्ता) का प्रतीक है जो प्रलोभन देकर सभी जानवरों को अपने मुँह में समा लेती है और विरोध करने वाले पर झपटती है।

02

Sher kahani mein lomdi kyun sheron ke munh mein gayi?

लोमड़ी इसलिए शेर के मुँह में गई क्योंकि उसे बताया गया था कि वहाँ रोजगार का दफ्तर है और उसे नौकरी मिलेगी — और यह जानकारी खुद शेर ने दी थी।

03

पहचान लघुकथा में राजा ने जनता को कौन-कौन से हुक्म दिए?

राजा ने तीन हुक्म दिए: (1) सब लोग आँखें बंद रखें, (2) कानों में पिघला हुआ सीसा डलवा लें, (3) होंठ सिलवा लें — और लोगों ने हर बार आज्ञा मानी।

04

खैराती, रामू और छिद्दू ने आँखें खोलीं तो उन्हें क्या दिखाई दिया?

उन तीनों को आँखें खोलने पर सामने केवल राजा दिखाई दिया; वे एक-दूसरे को नहीं देख सके।

05

Chaar Haath kahani mein mill malik ne kya kiya?

मिल मालिक ने पहले वैज्ञानिकों को मोटी तनख्वाह पर रखा, फिर कटे हाथ, लकड़ी के हाथ और लोहे के हाथ लगवाने की कोशिश की (लोहे के हाथ से मजदूर मर गए); अंत में 'मजदूरी आधी कर दी और दुगुने मजदूर नौकर रख लिए।'

06

साझा कहानी में हाथी ने किसान की फसल कैसे हड़प ली?

हाथी ने 'मिलकर खाएँ' कहकर सूँड से गन्ना पकड़ा और दूसरा छोर आदमी के मुँह में दिया; आदमी हाथी की ओर खिंचने लगा तो उसने गन्ना छोड़ दिया — इसी तरह सारी फसल हाथी के पेट में चली गई।

07

'प्रमाण से अधिक महत्त्वपूर्ण है विश्वास' — यह कथन किस संदर्भ में आया?

शेर कहानी में जब लेखक ने शेर के पेट में रोजगार के दफ्तर का प्रमाण माँगा तो शेर के स्टाफ ने यह कथन कहकर उसे चुप कराने की कोशिश की।

08

Asghar Wajahat ki in laghukathao ka mukhya vishay kya hai?

असगर वजाहत की ये चार लघुकथाएँ सत्ता के छद्म, राजा की स्वेच्छाचारिता, पूँजीपतियों द्वारा मजदूरों के शोषण और प्रभुत्वशाली वर्ग द्वारा किसानों की लूट पर व्यंग्यात्मक प्रहार करती हैं।

09

इन लघुकथाओं की भाषा-शैली कैसी है?

असगर वजाहत की भाषा में गांभीर्य, सबल भावाभिव्यक्ति एवं व्यंग्यात्मकता है; मुहावरों तथा तद्भव शब्दों के प्रयोग से उसमें सहजता एवं सादगी आई है।

10

शेर कहानी में 'सींग निकलना' का क्या अर्थ है?

पाठ में बताया गया है कि 'सींग निकलना' का अर्थ है — व्यवस्था से अलग रहना, बनी बनाई लीक से अलग चलना।

11

'डुग्गी पीटना' मुहावरे का अर्थ क्या है?

पाठ के अनुसार 'डुग्गी पीटना' का अर्थ है प्रचार करना — पुराने जमाने में डुग्गी (एक प्रकार का वाद्य) बजाकर लोगों को इकट्ठा किया जाता था और जरूरी सूचना सुनाई जाती थी।

12

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

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