Class 9 Hindi

Chapter 5 — Aakhiri Chattan Tak

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Overview

Summary

'Aakhiri Chattan Tak' Class 9 Hindi (Ganga) ka yatra-vrittant hai, jise Mohan Rakesh ne likha hai — इसमें लेखक ने कन्याकुमारी की अपनी यात्रा के प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और आत्मिक अनुभवों का सजीव वर्णन किया है।

'आखिरी चट्टान तक' में लेखक मोहन राकेश कन्याकुमारी की यात्रा का वर्णन करते हैं। अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित विवेकानंद चट्टान के पास खड़े होकर लेखक समुद्र की विशाल शक्ति का अनुभव करते हैं। वे सूर्यास्त देखने के लिए एक के बाद एक रेत के टीले पार करते हैं। अँधेरे में बढ़ते ज्वार से घिरकर लेखक खतरे में पड़ते हैं पर सुरक्षित लौट आते हैं। अगले दिन सूर्योदय के समय वे विवेकानंद चट्टान पर पहुँचते हैं जहाँ स्थानीय शिक्षित युवाओं की बेरोज़गारी की समस्या का मार्मिक चित्रण मिलता है।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक/रचनाकार: मोहन राकेश (जन्म 1925, अमृतसर; निधन 1972); हिंदी के बहुमुखी साहित्यकार
  2. 02विधा: यात्रा-वृत्तांत — यह केवल स्थान-चित्रण नहीं, बल्कि प्रकृति, मानव-जीवन और आत्मानुभूति का गहरा समन्वय है
  3. 03केंद्रीय भाव: प्रकृति की विराट शक्ति के समक्ष मनुष्य की क्षणिक अनुभूति और आत्म-चेतना — 'शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति'
  4. 04मुख्य घटनाएँ: विवेकानंद चट्टान पर ध्यानस्थ भाव, सूर्यास्त के लिए रेत के टीले पार करना, बढ़ते ज्वार में खतरे से सुरक्षित बचना, मछुआ नाव से विवेकानंद चट्टान पर जाना
  5. 05सामाजिक पक्ष: कन्याकुमारी के स्थानीय शिक्षित युवाओं की बेरोज़गारी — 'सीपियों का गूदा खाते हैं और दार्शनिक सिद्धांतों पर बहस करते हैं'
  6. 06कठिन शब्दार्थ — स्याह: काला; क्षितिज: वह स्थान जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखते हैं; समाधिस्थ: समाधि में लीन
  7. 07कठिन शब्दार्थ — सिहरन: कंपन; झुरमुट: पास-पास उगे पेड़ों का समूह; बीहड़: ऊबड़-खाबड़, विकट
Questions

Frequently asked questions

01

Aakhiri Chattan Tak का सारांश क्या है?

लेखक मोहन राकेश कन्याकुमारी की यात्रा का वर्णन करते हैं जहाँ अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी का संगम है। वे विवेकानंद चट्टान के पास समुद्र की विशाल शक्ति का अनुभव करते हैं, सूर्यास्त देखने के लिए एक के बाद एक रेत के टीले पार करते हैं, अँधेरे में बढ़ते ज्वार से किसी तरह बचते हैं, तटीय रेत के अनेक रंगों पर मुग्ध होते हैं और अगले दिन सूर्योदय के समय मछुआ नाव से विवेकानंद चट्टान पर पहुँचते हैं। वहाँ एक स्थानीय युवक उन्हें बेरोज़गारी की दुखद स्थिति बताता है।

02

Aakhiri Chattan Tak के लेखक कौन हैं?

इस यात्रा-वृत्तांत के लेखक मोहन राकेश हैं। उनका जन्म सन् 1925 में अमृतसर, पंजाब में हुआ था और सन् 1972 में 48 वर्ष की अल्पायु में उनका निधन हो गया। वे हिंदी साहित्य के बहुमुखी रचनाकार थे जिन्होंने कहानी, उपन्यास, नाटक, डायरी और यात्रा-वृत्तांत सभी विधाओं में लिखा।

03

Aakhiri Chattan Tak summary in hindi

मोहन राकेश द्वारा लिखित यह यात्रा-वृत्तांत कन्याकुमारी की यात्रा पर आधारित है। लेखक तीन समुद्रों के संगम पर खड़े होकर प्रकृति की विराटता से अभिभूत होते हैं। सूर्यास्त के लिए रेत के अनेक टीले पार करने के बाद बढ़ते ज्वार में फँसकर वे किसी तरह सुरक्षित बचते हैं। रंग-बिरंगी तटीय रेत उन्हें मंत्रमुग्ध करती है। अगले दिन विवेकानंद चट्टान पर जाकर वे स्थानीय युवाओं की बेरोज़गारी की समस्या से परिचित होते हैं।

04

Aakhiri Chattan Tak का केंद्रीय भाव क्या है?

इस यात्रा-वृत्तांत का केंद्रीय भाव है — प्रकृति की अपार शक्ति और विस्तार के समक्ष मनुष्य की आत्म-चेतना। 'शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति' — यह वाक्यांश इस भाव को व्यक्त करता है। लेखक तीन समुद्रों के संगम, सूर्योदय-सूर्यास्त के अद्भुत दृश्य और बढ़ते ज्वार के खतरे के बीच अपने अस्तित्व का गहरा बोध पाते हैं।

05

विवेकानंद चट्टान का इस यात्रा-वृत्तांत में क्या महत्व है?

विवेकानंद चट्टान कन्याकुमारी के तट से सौ-सवा-सौ गज आगे समुद्र के बीच स्थित है जहाँ बंगाल की खाड़ी की भौगोलिक सीमा समाप्त होती है। यह वही चट्टान है जिस पर कभी स्वामी विवेकानंद ने समाधि लगाई थी। लेखक मछुआ नाव से वहाँ पहुँचते हैं और सूर्योदय देखते हैं।

06

लेखक ने सूर्यास्त का दृश्य कहाँ से देखा?

लेखक पहले सैंड हिल (बालू का टीला) पर गए जहाँ अनेक यात्री थे, परंतु अरब सागर की तरफ का विस्तार एक और टीले की ओट में था। इसलिए वे एक के बाद एक कई टीले पार करते गए और अंत में एक टीले पर पहुँचकर पश्चिमी क्षितिज का खुला विस्तार देखा तथा वहीं से सूर्यास्त का पूरा दृश्य देखा।

07

कन्याकुमारी के स्थानीय युवाओं की स्थिति का इस पाठ में क्या वर्णन है?

विवेकानंद चट्टान पर एक स्नातक (ग्रेजुएट) युवक ने लेखक को बताया कि कन्याकुमारी की लगभग आठ हजार की आबादी में चार-पाँच सौ शिक्षित युवक बेरोज़गार हैं, जिनमें सौ के लगभग ग्रेजुएट हैं। उनका मुख्य काम नौकरियों के लिए अर्जियाँ देना और बहस करना है। वह युवक स्वयं फोटो-एल्बम बेचता था और कहता था — 'हम सीपियों का गूदा खाते हैं और दार्शनिक सिद्धांतों पर बहस करते हैं।'

08

लेखक को समुद्र तट पर किस खतरे का सामना करना पड़ा?

सूर्यास्त देखकर लौटते समय अँधेरे में समुद्र का ज्वार बढ़ने लगा और तट की चौड़ाई घटती जा रही थी। एक लहर ने पैर भिगो दिए। लेखक तेज़ दौड़ने लगे, एक चट्टान से टकराकर बाँह पर खरोंच भी आई। चट्टान पार कर वे सुरक्षित स्थान पर पहुँचे जहाँ बहुत से लोग टहल रहे थे।

09

'शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति' का क्या अर्थ है?

यह वाक्यांश तब आया जब लेखक तीनों समुद्रों — अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी — के संगम पर खड़े होकर चारों ओर क्षितिज तक फैले जल को देख रहे थे। इसका अर्थ है कि समुद्र की विशाल शक्ति उसके असीम विस्तार में है और वह विस्तार स्वयं एक अपार शक्ति है।

10

मोहन राकेश की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

मोहन राकेश की प्रमुख रचनाओं में नाटक — आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे-अधूरे; उपन्यास — अंधेरे बंद कमरे, अंतराल, न आने वाला कल; कहानी-संग्रह — क्वार्टर तथा अन्य कहानियाँ, नए बादल, वारिस तथा अन्य कहानियाँ; डायरी — मोहन राकेश की डायरी; और यात्रा-वृत्तांत — आखिरी चट्टान तक शामिल हैं। आषाढ़ का एक दिन के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला।

11

इस यात्रा-वृत्तांत की भाषा-शैली की क्या विशेषता है?

इस यात्रा-वृत्तांत की भाषा सहज, प्रवाहपूर्ण और चित्रात्मक है। लेखक रंगों का भावात्मक प्रयोग करते हैं — सूर्यास्त में सोना, लहू और बैंजनी रंगों का बदलना इसका उत्तम उदाहरण है। रूपक और उपमा के माध्यम से दृश्य इतने जीवंत बन जाते हैं कि पाठक को लगता है वह स्वयं लेखक के साथ यात्रा कर रहा है।

12

Aakhiri Chattan Tak में 'आखिरी चट्टान' किसे कहा गया है?

भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान वह चट्टान है जो कन्याकुमारी के पास केप होटल के सामने समुद्र में स्थित है। यही विवेकानंद चट्टान है जहाँ तीनों समुद्रों का संगम होता है और जिस पर स्वामी विवेकानंद ने कभी समाधि लगाई थी। यह भारत के दक्षिणतम क्षेत्र का प्रतीक है।

13

क्या Aakhiri Chattan Tak अध्याय की PDF मुफ़्त है?

हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।

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