Class 8 Hindi

Chapter 3 — एक आशीर्वाद

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

'Ek Aashirwad' Class 8 Hindi (Malhar) ki dushyant kumar ki kavita hai — इसमें कवि एक बच्चे को संबोधित करते हुए आशीर्वाद देते हैं कि उसके स्वप्न बड़े हों, वह आत्मनिर्भर बने और जीवन की कठिनाइयों से न घबराए।

"एक आशीर्वाद" दुष्यंत कुमार द्वारा रचित एक प्रेरक कविता है। कवि एक बच्चे को 'जा' कहकर आशीर्वाद देते हैं — कि वह भावनाओं की गोद से उतरकर वास्तविक जीवन में कदम रखे, असंभव लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ करे, विविध ज्ञान के प्रति ललक रखे, कष्टों से न घबराए और सबसे बढ़कर अपने पाँवों पर खड़ा हो। कविता एक ही संज्ञा 'स्वप्न' के इर्द-गिर्द अनेक क्रिया शब्दों से बुनी गई है और 'तेरे स्वप्न बड़े हों' पंक्ति से आरंभ होकर उसी पंक्ति पर समाप्त होती है।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01कवि: दुष्यंत कुमार (1933–1975); जन्म बिजनौर, उत्तर प्रदेश; प्रसिद्ध गज़ल संग्रह 'साये में धूप'; संपूर्ण रचनाएँ 'दुष्यंत कुमार रचनावली' के चार खंडों में प्रकाशित
  2. 02विधा: कविता
  3. 03केंद्रीय भाव: बच्चे को बड़े सपने देखने, वास्तविकता का सामना करने, कठिनाइयों से न घबराने और आत्मनिर्भर बनने का आशीर्वाद
  4. 04कविता की संरचना: एक संज्ञा शब्द 'स्वप्न' के केंद्र में अनेक क्रिया शब्दों — चलना, रूठना, मचलना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना — का ताना-बाना बुना गया है
  5. 05शब्दार्थ: अप्राप्य = जिसे पाना कठिन हो, दुर्लभ
  6. 06शब्दार्थ: पृथ्वी के पर्यायवाची — धरा, वसुधा, अवनि
  7. 07शब्दार्थ: स्वप्न = यहाँ आकांक्षाएँ और बड़े लक्ष्य; 'यथार्थ' इसका समानार्थी नहीं है
Questions

Frequently asked questions

01

एक आशीर्वाद का सारांश क्या है?

"एक आशीर्वाद" दुष्यंत कुमार की कविता है जिसमें कवि एक बच्चे को आशीर्वाद देते हैं। वे कहते हैं कि वह भावनाओं की दुनिया से निकलकर वास्तविक जीवन में कदम रखे, असंभव लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ करे, कष्टों से न घबराए और अपने पाँवों पर खड़ा हो। कविता 'तेरे स्वप्न बड़े हों' से शुरू होकर उसी पंक्ति पर समाप्त होती है।

02

एक आशीर्वाद के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि दुष्यंत कुमार हैं। उनका जन्म 1933 में बिजनौर, उत्तर प्रदेश में हुआ था और 1975 में उनका निधन हुआ। उनका सर्वाधिक चर्चित गज़ल संग्रह 'साये में धूप' है।

03

एक आशीर्वाद का केंद्रीय भाव क्या है?

कविता का केंद्रीय भाव है कि व्यक्ति बड़े सपने रखे, वास्तविकता का सामना करे, असंभव लक्ष्यों के लिए भी हठ करे, कठिनाइयों से न डरे और आत्मनिर्भर बने। कवि यह आशीर्वाद एक बच्चे को देते हैं।

04

'तेरे स्वप्न बड़े हों' पंक्ति का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति में 'स्वप्न' से आशय आकांक्षाएँ और बड़े लक्ष्य हैं। कवि बच्चे को आशीर्वाद देते हैं कि वह ऊँचे और बड़े लक्ष्य निर्धारित करे, सीमित इच्छाओं तक न रुके।

05

'उँगली जलाएँ' पंक्ति का क्या भाव है?

पाठ के अनुसार 'उँगली जलाएँ' का भाव है — कष्टों से न घबराना और चुनौतियों को स्वीकार करना। जैसे दीये की रोशनी देखकर उसकी ओर बढ़ने पर उँगली जलती है, वैसे ही लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए कठिनाइयाँ सहन करनी पड़ती हैं।

06

'भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें' का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति का भाव है — भावनाओं में न बहकर वास्तविकता का सामना करना। केवल कल्पनाओं और भावनाओं में रहने के बजाय व्यावहारिक जीवन में कदम रखना जरूरी है।

07

'चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें' का क्या अर्थ है?

इस पंक्ति का भाव है — असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए भी हठ और प्रयास करना। 'अप्राप्य' का अर्थ है जिसे पाना कठिन हो। जैसे चाँद-तारे दूर हैं फिर भी उनके लिए ललक रखनी चाहिए।

08

'हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ' पंक्ति का क्या आशय है?

इस पंक्ति का आशय है — विविध ज्ञान के प्रति आकृष्ट होना और उसे पाने की ललक रखना। हर ज्ञान-स्रोत की ओर उत्सुकता से बढ़ने की प्रेरणा दी गई है।

09

'अपने पाँवों पर खड़े हों' पंक्ति का क्या आशय है?

इस पंक्ति का आशय है — आत्मनिर्भर होना। किसी के सहारे के बिना स्वयं के बल पर जीवन में आगे बढ़ना और सफलता प्राप्त करना।

10

दुष्यंत कुमार की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

'साये में धूप' उनका सर्वाधिक चर्चित गज़ल संग्रह है। उनका संपूर्ण रचना-संसार 'दुष्यंत कुमार रचनावली' के चार खंडों में प्रकाशित है।

11

कविता में किसे संबोधित किया गया है?

कविता में बच्चे को संबोधित किया गया है। कवि 'जा' कहकर आशीर्वाद देते हुए उसे बड़े सपने देखने, हँसने-मुसकराने-गाने और अपने पाँवों पर खड़े होने की प्रेरणा देते हैं।

12

Ek Aashirwad summary in hindi

"एक आशीर्वाद" दुष्यंत कुमार की कविता है। कवि बच्चे को आशीर्वाद देते हैं कि उसके सपने बड़े हों। वह भावनाओं की दुनिया से निकलकर वास्तविकता में आए, असंभव लक्ष्यों के लिए हठ करे, ज्ञान की ललक रखे, कष्टों से न डरे और आत्मनिर्भर बने।

13

क्या एक आशीर्वाद अध्याय की PDF मुफ़्त है?

हाँ, बिना साइन-अप के मुफ़्त डाउनलोड करें।

Keep learning

More chapters in Malhar (मल्हार)

This is the complete Malhar (मल्हार) Chapter 3 as published by NCERT — every diagram, solved example, and exercise included, free. Browse all NCERT Class 8 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App