Class 11 Hindi

Chapter 4 — Vidaai Sambhashan

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Overview

Summary

NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 4 Vidaai Sambhashan (विदाई-संभाषण) is a satirical prose piece by Balmukund Gupta (बालमुकुंद गुप्त), taken from his celebrated work 'Shivshambhu ke Chithe' (शिवशंभु के चिट्ठे). Written as a mock farewell address to Lord Curzon, Viceroy of India (1899–1904 and 1904–1905), it uses biting irony to expose the oppressive nature of colonial rule. लेखक बालमुकुंद गुप्त (जन्म 1865, रोहतक; मृत्यु 1907) को भारतेंदु-युग और द्विवेदी-युग के बीच की कड़ी माना जाता है।

विदाई-संभाषण बालमुकुंद गुप्त की व्यंग्य-कृति 'शिवशंभु के चिट्ठे' का एक अंश है। यह पाठ वायसराय लॉर्ड कर्जन (1899–1904 व 1904–1905) के शासनकाल का बेबाक चित्रण करता है। लेखक ने व्यंग्यात्मक शैली में कर्जन के दिल्ली-दरबार की शान, बंग-विच्छेद की जिद्द, और अंततः कौंसिल-विवाद में पराजय व इस्तीफे की लाचारी का वर्णन किया है। 'शिवशंभु की दो गायों' के प्रतीक द्वारा भारतीय प्रजा की बेबसी और विदाई की करुणा को जोड़ा गया है। यह उस दौर का साहसिक गद्य है जब प्रेस पर पाबंदी थी।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक: बालमुकुंद गुप्त; जन्म 1865, ग्राम गुड़ियानी, जिला रोहतक (हरियाणा); मृत्यु 1907; भारतेंदु-युग और द्विवेदी-युग के बीच की कड़ी।
  2. 02विधा: व्यंग्य गद्य; पाठ बालमुकुंद गुप्त की रचना 'शिवशंभु के चिट्ठे' से लिया गया है।
  3. 03केंद्रीय भाव: लॉर्ड कर्जन के शासनकाल की निरंकुशता, दिल्ली-दरबार की शान से इस्तीफे तक के पतन, और भारतीय प्रजा की व्यथा का व्यंग्यात्मक चित्रण।
  4. 04मुख्य घटनाएँ: बंग-विच्छेद (आठ करोड़ प्रजा की गिड़गिड़ाकर प्रार्थना अनसुनी की गई); कौंसिल में मनपसंद अंग्रेज अधिकारी नियुक्ति विवाद में पराजय के बाद कर्जन का इस्तीफा।
  5. 05'शिवशंभु की दो गायें': दुर्बल गाय ने टक्कर मारने वाली बलवाली गाय के जाने पर चारा नहीं खाया — बिछड़न-समय की करुणा और भारतीय प्रजा की भावना का प्रतीक।
  6. 06'तीसरी शक्ति': वह ईश्वरीय शक्ति जो कर्जन और भारतवासियों दोनों के वश से परे है और जिसने कर्जन का शासनकाल समय से पहले समाप्त किया।
  7. 07शब्दार्थ: 'करुणोत्पादक' = करुणा उत्पन्न करने वाला; 'तिलांजलि' = त्याग देना; 'पायमाल' = दुर्दशाग्रस्त, नष्ट; 'विच्छेद' = टूटना।
Questions

Frequently asked questions

01

विदाई-संभाषण के लेखक कौन हैं?

इस पाठ के लेखक बालमुकुंद गुप्त हैं। उनका जन्म 1865 में ग्राम गुड़ियानी, जिला रोहतक (हरियाणा) में हुआ था और मृत्यु 1907 में हुई।

02

NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 4 Vidaai Sambhashan kis granth ka ansh hai?

यह पाठ बालमुकुंद गुप्त की व्यंग्य-कृति 'शिवशंभु के चिट्ठे' का अंश है।

03

विदाई-संभाषण में किसकी विदाई का वर्णन किया गया है?

इस पाठ में वायसराय लॉर्ड कर्जन की विदाई का वर्णन है, जो 1899–1904 और 1904–1905 तक भारत के वायसराय रहे।

04

कर्जन को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?

कौंसिल में मनपसंद अंग्रेज सदस्य नियुक्त करवाने के मुद्दे पर देश-विदेश दोनों जगहों पर नीचा देखना पड़ा। एक फौजी अफसर उनके इच्छित पद पर नियत न हो सका, जिसके कारण क्षुब्ध होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया, जो मंजूर भी हो गया।

05

Shivshambhu ki do gayon ki kahani mein lekhak kya kehna chahta hai?

दुर्बल गाय ने बलवाली (टक्कर मारने वाली) गाय के जाने पर भी भूखी रहकर दुख व्यक्त किया। इससे लेखक यह कहना चाहते हैं कि बिछड़न-समय करुणोत्पादक होता है — भारतीय प्रजा भी कर्जन के जाने पर उदास है, भले ही वे अत्याचारी थे।

06

'तीसरी शक्ति' से लेखक का क्या तात्पर्य है?

लेखक का संकेत उस ईश्वरीय शक्ति की ओर है जो कर्जन और भारतवासियों दोनों के वश के बाहर है और जिसने कर्जन का शासनकाल अप्रत्याशित रूप से समाप्त कर दिया।

07

आठ करोड़ प्रजा की प्रार्थना किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत करती है?

यह बंग-विच्छेद (बंगाल विभाजन) की ओर संकेत करती है। पाठ में लिखा है कि 'आठ करोड़ प्रजा के गिड़गिड़ाकर विच्छेद न करने की प्रार्थना पर आपने जरा भी ध्यान नहीं दिया।'

08

बालमुकुंद गुप्त को किन दो युगों के बीच की कड़ी माना जाता है?

उन्हें भारतेंदु-युग और द्विवेदी-युग के बीच की कड़ी के रूप में देखा जाता है।

09

नर सुलतान के गीत का पाठ में क्या महत्त्व है?

नर सुलतान ने नरवरगढ़ से विदाई लेते समय कहा था — 'यदि मैंने जानबूझकर एक दिन भी अपनी सेवा में चूक की हो... तो मेरा प्रणाम न ले।' इसके माध्यम से लेखक कर्जन के सामने एक आदर्श शासक का उदाहरण रखते हैं और पूछते हैं कि क्या वे भी ऐसा संभाषण कर सकते हैं।

10

Vidaai Sambhashan ki vidha kya hai?

यह व्यंग्य गद्य (satirical prose) है। लेखक ने विदाई-भाषण की शैली में कर्जन के शासनकाल पर करारा व्यंग्य किया है।

11

बालमुकुंद गुप्त की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?

उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं — शिवशंभु के चिट्ठे, चिट्ठे और खत, और खेल तमाशा। उन्होंने अखबार-ए-चुनार, हिंदुस्तान, हिंदी बंगवासी और भारतमित्र जैसे पत्रों का संपादन भी किया।

12

क्या NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 4 PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

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