Summary
NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 16 Aao Milkar Bachaye (आओ, मिलकर बचाएँ) is a Hindi poem by Nirmala Putul (निर्मला पुतुल), originally written in Santali and translated into Hindi by Ashok Singh. The poem calls on the Santhal community to save their cultural identity, natural environment, language, and way of life from destruction and displacement.
निर्मला पुतुल की कविता 'आओ, मिलकर बचाएँ' संथाली समाज की सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति और मानवीय मूल्यों को बचाने का आह्वान है। कवयित्री बस्तियों को शहरी प्रभाव और हिड़या (मादक पेय) में डूबने से बचाने की बात करती हैं। वे चाहती हैं कि संथाल परगना की माटी का रंग, भाषा में झारखंडीपन, जीवन की गर्माहट, भोलापन, अक्खड़पन और जुझारूपन बचा रहे। जंगल, नदी, पहाड़, गीत, सपने — सब कुछ को बचाने की ज़रूरत पर बल देते हुए कविता अंत में आशावादी स्वर में कहती है कि अभी भी बचाने को बहुत कुछ बचा है।
Key points & formulas
- 01कवयित्री परिचय: निर्मला पुतुल का जन्म सन् 1972 में दुमका, झारखंड के एक आदिवासी परिवार में हुआ। प्रमुख रचनाएँ — 'नगाड़े की तरह बजते शब्द' और 'अपने घर की तलाश में'।
- 02विधा: यह कविता मूलतः संथाली भाषा में लिखी गई थी जिसका हिंदी रूपांतर अशोक सिंह ने किया है।
- 03केंद्रीय भाव: विस्थापन और प्रकृति-विनाश के कारण संकटग्रस्त आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान, भाषा, पर्यावरण और मानवीय मूल्यों को बचाने का सामूहिक आह्वान।
- 04काव्य-सौंदर्य: कविता में एक के बाद एक छोटी-छोटी छवियाँ — धनुष की डोरी, तीर का नुकीलापन, मिट्टी का सोंधापन — संचित होकर एक तीव्र भावनात्मक प्रभाव उत्पन्न करती हैं; बार-बार 'बचाएँ' शब्द की आवृत्ति एक आग्रहपूर्ण लय बनाती है।
- 05शब्दार्थ — हिड़या: संथाली समाज में प्रचलित मादक पेय, जिसमें बस्ती के डूबने का भय है।
- 06शब्दार्थ — अक्खड़पन: किसी बात को लेकर रुखाई से तन जाने का भाव (स्रोत: पाठ्यपुस्तक शब्द-छवि)।
- 07शब्दार्थ — जुझारूपन: जूझने या संघर्ष करने की प्रवृत्ति (स्रोत: पाठ्यपुस्तक शब्द-छवि)।
- 08कविता दोनों पक्ष रखती है — संथाली समाज की सकारात्मकता (सादगी, प्रकृति-प्रेम, परिश्रम) और नकारात्मकता (अशिक्षा, कुरीतियाँ, मादक पेय) — तथा अंत में उम्मीद का स्वर बनाए रखती है।
Frequently asked questions
01NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 16 'Aao Milkar Bachaye' किसने लिखी है?
यह कविता निर्मला पुतुल ने लिखी है। वे झारखंड के दुमका में जन्मी आदिवासी कवयित्री हैं। कविता मूलतः संथाली में थी; हिंदी रूपांतर अशोक सिंह ने किया।
02आओ, मिलकर बचाएँ कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
कविता का केंद्रीय भाव है — विस्थापन और प्रकृति-विनाश के दौर में संथाली समाज की सांस्कृतिक पहचान, भाषा, जंगल, नदी, गीत और मानवीय मूल्यों को सामूहिक रूप से बचाना।
03माटी का रंग से कविता में क्या संकेत किया गया है?
'अपने चेहरे पर सन्थाल परगना की माटी का रंग' — इससे आदिवासी पहचान और जड़ों से जुड़ाव बचाए रखने का संकेत है।
04भाषा में झारखंडीपन से क्या अभिप्राय है?
इससे अभिप्राय है कि अपनी क्षेत्रीय भाषा और बोली की विशिष्टता को बाहरी प्रभाव में खोने न दें — झारखंड की अपनी भाषाई पहचान को जीवित रखें।
05दिल के भोलेपन के साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को बचाने पर क्यों बल दिया गया है?
भोलापन समाज को ठगे जाने के लिए कमज़ोर बनाता है। अक्खड़पन (रुखाई से तनने का भाव) और जुझारूपन (संघर्ष की प्रवृत्ति) आदिवासी समाज को शोषण के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति देते हैं।
06कविता में हिड़या से बचाने की बात क्यों कही गई है?
हिड़या एक मादक पेय है। कविता संकेत करती है कि शराब की लत आदिवासी बस्तियों की पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर रही है — इसलिए पूरी बस्ती को इसमें डूबने से बचाना जरूरी है।
07'इस दौर में भी बचाने को बहुत कुछ बचा है' — इस पंक्ति का क्या आशय है?
अविश्वास और विनाश के इस समय में भी — विश्वास, उम्मीद, सपने, प्रकृति, गीत — अभी पूरी तरह नष्ट नहीं हुए। इसलिए निराश न होकर मिलकर इन्हें बचाने का प्रयास करना चाहिए।
08कविता आदिवासी समाज की किन बुराइयों की ओर संकेत करती है?
कविता बस्तियों के शहरी संस्कृति में खोने और हिड़या (मादक पेय) में डूबने की ओर संकेत करती है। कवयित्री परिचय में कुरीतियाँ, अशिक्षा और शराब की बढ़ती लत का उल्लेख है।
09निर्मला पुतुल की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
पाठ्यपुस्तक के अनुसार उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं — 'नगाड़े की तरह बजते शब्द' और 'अपने घर की तलाश में'।
10कविता में प्रकृति की किन चीजों को बचाने की बात है?
जंगल की ताजा हवा, नदियों की निर्मलता, पहाड़ों का मौन, मिट्टी का सोंधापन, फसलों की लहलहाहट, बच्चों के लिए मैदान और पशुओं के लिए हरी-हरी घास — ये सब बचाने की माँग है।
11क्या NCERT Class 11 Hindi Aroh Chapter 16 PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप। cbseprepmaster.com पर NCERT Class 11 Hindi Aroh का पूरा PDF उपलब्ध है — सीधे ब्राउज़र में पढ़ें या डाउनलोड करें।
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