Summary
NCERT Class 10 Sanskrit Abhyaswaan Bhav Sandhih — यह पाठ संस्कृत व्याकरण के सन्धि विषय पर आधारित है जिसमें शिक्षक और छात्रों के संवाद के माध्यम से स्वरसन्धि, व्यञ्जनसन्धि, विसर्गसन्धि, अनुनासिकसन्धि और तुक् आगम-सन्धि के नियम सिखाए गए हैं।
यह पाठ NCERT अभ्यासवान् भव कक्षा दस की व्याकरण पाठ्यपुस्तक का छठा अध्याय है। इसमें शिक्षक नीरज, आदित्य, उमेश, औजस और अदिति नामक छात्रों के साथ संवाद करते हुए सन्धि के विभिन्न भेद समझाते हैं। शिक्षक अपने छात्रों के नामों को जोड़कर 'नीरजादित्योमेशौजस:' बनाकर दीर्घ, गुण और वृद्धिसन्धि का व्यावहारिक परिचय देते हैं। तत्पश्चात् यण्, अयादि, पूर्वरूप, व्यञ्जन, विसर्ग, अनुनासिक और तुक् आगम सन्धियों के नियम और अभ्यास प्रश्न दिए गए हैं।
Key points & formulas
- 01पाठ का स्रोत/विधा: NCERT अभ्यासवान् भव (दशमकक्षा) की संस्कृत व्याकरण कार्यपुस्तिका, संवाद-रूप में प्रस्तुत — शिक्षक और पाँच छात्रों (नीरज, आदित्य, उमेश, औजस, अदिति) के बीच प्रश्नोत्तर द्वारा सन्धि के नियम सिखाए गए।
- 02शिक्षक ने छात्रों के नामों को जोड़कर 'नीरजादित्योमेशौजस:' बनाया — इसमें क्रमशः दीर्घसन्धि (नीरज+आदित्य), गुणसन्धि (नीरजादित्य+उमेश) और वृद्धिसन्धि (+औजस:) का प्रयोग है।
- 03स्वरसन्धि के छह भेद (षड्भेदा:): दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि और पूर्वरूप। पाठ में बताया गया कि दशमकक्षा में केवल ये छह भेद पढ़े जाते हैं।
- 04अयादिसन्धि 'एचोऽयवायाव:' नियम पर आधारित है — ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई स्वर आने पर क्रमशः अय्, आय्, अव्, आव् हो जाते हैं; इन चारों को 'अयादिचतुष्टयम्' भी कहा गया है।
- 05पूर्वरूपसन्धि 'एङ: पदान्तादति' नियम पर आधारित है — पदान्त के ए या ओ के बाद अकार आने पर पूर्वरूप (ए/ओ) ही रहता है और अकार 'ऽ' (अवग्रह) चिह्न से दर्शाया जाता है। उदाहरण: सर्वे+अपि = सर्वेऽपि।
- 06व्यञ्जनसन्धि में वर्ग के प्रथम वर्ण के बाद तृतीय/चतुर्थ वर्ण या स्वर आने पर प्रथम के स्थान पर तृतीय वर्ण होता है; जैसे — चलत् + अनिशम् = चलदनिशम्। विसर्गसन्धि में विसर्ग का श्/स्/ष् अथवा र् में परिवर्तन होता है; जैसे — नम: + ते = नमस्ते।
- 07कठिन शब्दार्थ: सन्धि = दो वर्णों का मेल; सन्धिविच्छेद = जुड़े हुए वर्णों को अलग करना; अवग्रह: = 'ऽ' चिह्न जो अकार के लोप को दर्शाता है; अयादिचतुष्टयम् = अय्, आय्, अव्, आव् — ये चारों मिलकर।
Frequently asked questions
01NCERT Class 10 Sanskrit Abhyaswaan Bhav Chapter 6 Sandhih ka summary kya hai?
यह पाठ शिक्षक और छात्रों के संवाद-रूप में है जिसमें स्वरसन्धि के छह भेद (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि, पूर्वरूप), व्यञ्जनसन्धि, विसर्गसन्धि, अनुनासिकसन्धि और तुक् आगम-सन्धि के नियम और अभ्यास दिए गए हैं।
02सन्धि पाठ में स्वरसन्धि के कितने भेद बताए गए हैं?
पाठ के अनुसार दशमकक्षा में स्वरसन्धि के केवल छह भेद (षड्भेदा:) पढ़े जाते हैं — दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि और पूर्वरूप।
03नीरजादित्योमेशौजस: में कौन-कौन सी सन्धियाँ हैं?
शिक्षक के अनुसार इसमें तीन सन्धियाँ हैं: नीरज+आदित्य = नीरजादित्य (दीर्घसन्धि), नीरजादित्य+उमेश = नीरजादित्योमेश (गुणसन्धि), और +औजस: जोड़कर पूरा शब्द (वृद्धिसन्धि)।
04Ayadi Sandhi ka niyam kya hai? / अयादिसन्धि का नियम क्या है?
पाठ में 'एचोऽयवायाव:' नियम के अनुसार — ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भी स्वर आने पर क्रमशः अय्, आय्, अव्, आव् हो जाते हैं। इन चारों को 'अयादिचतुष्टयम्' कहते हैं। उदाहरण: पो+अन: = पवन:।
05Purvarupa Sandhi kise kahte hain? / पूर्वरूपसन्धि किसे कहते हैं?
पाठ के अनुसार 'एङ: पदान्तादति' नियम पर आधारित इस सन्धि में पदान्त के ए या ओ के बाद अकार आने पर दोनों के स्थान पर पूर्वरूप अर्थात् ए/ओ ही रहता है और अकार 'ऽ' (अवग्रह) चिह्न से दर्शाया जाता है। उदाहरण: सर्वे+अपि = सर्वेऽपि।
06यणसन्धि का उदाहरण / Yan Sandhi ka udaharan
पाठ में छात्रा अदिति के कथन के अनुसार दीप्ति+अदिति = दीप्त्यदिती यणसन्धि के नियमानुसार बना हुआ उदाहरण है।
07व्यञ्जनसन्धि में चलत् + अनिशम् का क्या रूप होगा?
पाठ में दिए उदाहरण के अनुसार चलत् + अनिशम् = चलदनिशम् होता है — वर्ग के प्रथम वर्ण के बाद तृतीय वर्ण आने पर प्रथम के स्थान पर तृतीय वर्ण होता है।
08विसर्गसन्धि के उदाहरण / Visarga Sandhi ke udaharan
पाठ में दिए उदाहरणों के अनुसार: नम: + ते = नमस्ते (विसर्ग → स्), लक्ष्मण: + अपि = लक्ष्मणोऽपि (विसर्ग → उ/ओ+अवग्रह), वह्नि: + दह्यते = वह्निर्दह्यते (विसर्ग → र्)।
09अनुनासिकसन्धि किसे कहते हैं? / Anunasika Sandhi kise kahte hain?
पाठ के अनुसार यदि पूर्वपद का अन्तिम वर्ण किसी वर्ग का कोई वर्ण हो और उत्तरपद का प्रथम वर्ण अनुनासिक वर्ण (ङ्, ञ्, ण्, न्, म्) हो, तो पूर्वपद का अन्तिम वर्ण अपने वर्ग के पञ्चमवर्ण में बदल जाता है। जैसे — तत् + नाम = तन्नाम।
10तुक् आगम-सन्धि क्या है? / Tuk Agama Sandhi kya hai?
पाठ के अनुसार जब पूर्वपद में अ, इ, उ, ऋ स्वर हों और उत्तरपद में 'छ' हो तो बीच में 'च्' वर्ण जुड़ जाता है। जैसे — वृक्ष+छाया = वृक्षच्छाया। यदि पूर्वपद में आ, ई, ऊ हों तो यह 'च्' विकल्पेन (वैकल्पिक) होता है।
11क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?
हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।
12NCERT Sanskrit Abhyaswaan Bhav Class 10 mein kaun se sandhi ke bhed hain?
इस पाठ में स्वरसन्धि (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि, पूर्वरूप), व्यञ्जनसन्धि, विसर्गसन्धि, अनुनासिकसन्धि और तुक् आगम-सन्धि — इन पाँच मुख्य प्रकारों और उनके उपभेदों का अभ्यास कराया गया है।
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