अपठितावबोधनम्
NCERT Class 10 Sanskrit Abhyaswaan Bhav Apathitavabodhanam (अपठितावबोधनम्) कक्षा 10 की संस्कृत कार्यपुस्तिका 'अभ्यासवान् भव' का पहला अध्याय है, जिसमें आठ अपरिचित संस्कृत गद्यांश दिए गए हैं और उन पर बोधपरक एवं व्याकरणपरक प्रश्न पूछे गए हैं। यह NCERT द्वारा प्रकाशित workbook है; कोई एकल लेखक नामित नहीं है।
- 1स्रोत एवं विधा: NCERT कक्षा 10 संस्कृत कार्यपुस्तिका 'अभ्यासवान् भव' (Reprint 2026-27) का प्रथम अध्याय; विधा — अपठित गद्यावबोधन (Unseen Passage Comprehension)।
- 2केंद्रीय कौशल: अपरिचित संस्कृत गद्यांश पढ़कर उसका अर्थ समझना और एकपद, पूर्णवाक्य तथा व्याकरण-आधारित प्रश्नों के उत्तर देना।
- 3धात्रीफल गद्यांश: आमलक सर्वर्तुषु लाभदायक है — नेत्रज्योति, केशसौंदर्य, त्वचा-कांति, रक्तकोशिका-निर्माण और स्मरणशक्ति वर्धन में उपयोगी; कार्तिक नवमी को धात्रीवृक्ष के नीचे सहभोज की प्राचीन परंपरा भी उल्लिखित है।
- 4सरदार पटेल गद्यांश: लौहपुरुष पटेल महोदय (जन्म: 31 अक्टूबर 1875) स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री थे; उनकी प्रतिमा 'एकताया: मूर्ति:' 182 मी./597 फीट ऊँची विश्व की उच्चतम मूर्ति है, जो सरदार-सरोवरबंध से लगभग 3 कि.मी. दूर साधूबेर उपद्वीप पर स्थित है।
- 5परिश्रम गद्यांश में दो प्रमुख उद्धरण — 'उद्योगिनं पुरुष सिंहमुपैति लक्ष्मी:' (भाव: धन की देवी लक्ष्मी उद्यमी पुरुष के पास जाती हैं) और 'उद्यमेनैव हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै:' (भाव: कार्य केवल परिश्रम से सिद्ध होते हैं, मनोरथों से नहीं); श्रीमद्भगवद्गीता का कर्म-महत्त्व भी स्मारित है।

