Class 4 Hindi

Chapter 7 — नकली हीरे

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Overview

Summary

Chapter 7 of the Class 4 Hindi NCERT textbook (Veena / वीणा), "नकली हीरे", ek rochak chitrakatha (comic strip story) hai jo neera Beneagal ne likhi hai aur jo 'Tinkle' patrika se saabhar li gayi hai. Is kahani mein Kaanpur ke ek buddhiman raja ki sach aur jhooth ki pariksha ka dilchasap kissa hai — jisme sab darbaari jhootha jawab dete hain aur naqli heere paate hain, jabki ek seedha aur vinamra naujawan sachcha uttar dekar asli heera aur rajkumar ka vishwast salaahkaar banne ka sammaan paata hai. Download the PDF aur padhein saraansh, shabd-arth, aur pramukh prashn-uttar.

  • सारांशकाननपुर के एक बूढ़े और बुद्धिमान राजा ने दरबारियों से पूछा कि क्या वे उन्हें बुद्धिमान और ईमानदार राजा मानते हैं। सभी दरबारियों ने चापलूसी भरा झूठा जवाब दिया और राजा की प्रशंसा की, जिसके बदले उन्हें नकली हीरे मिले। एक नवयुवक दरबारी ने साहस से सच बोला — कि राजा से भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं — और उसे असली हीरा मिला तथा राजकुमार का सलाहकार चुना गया।
  • मूल भावइस चित्रकथा का मूल संदेश है कि सच बोलना सबसे बड़ा गुण है। झूठी तारीफ या चापलूसी करने वालों को अंत में नकली इनाम मिलता है, जबकि जो विनम्रता और ईमानदारी से सच बोलता है, वही असली सम्मान और विश्वास पाता है।
  • पात्र परिचयकहानी के मुख्य पात्र हैं — काननपुर के वृद्ध और बुद्धिमान राजा, उनके दरबारी, और एक विनम्र नवयुवक दरबारी। राजा अपने पुत्र के लिए एक ईमानदार सलाहकार खोजना चाहते थे। नवयुवक दरबारी ने दूसरों से अलग, सीधा-सादा और सच्चा उत्तर दिया।
  • शब्दार्थवृद्ध = बूढ़ा; निस्संदेह = संदेह न होना; श्रेष्ठ = सर्वोत्तम; बुद्धिमान = विवेकवान; ठहरना = रुकना। ये शब्द पाठ के 'शब्दों से मित्रता' अभ्यास में दिए गए हैं और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
Essentials

Key points & formulas

  1. 01यह पाठ एक चित्रकथा (comic strip) है, जो नीरा बेनेगल ने लिखी है और 'टिंकल' पत्रिका से ली गई है।
  2. 02काननपुर के राजा ने दरबारियों से पूछा — क्या वे उन्हें बुद्धिमान और ईमानदार राजा मानते हैं।
  3. 03सभी दरबारियों ने झूठी तारीफ की और नकली हीरे इनाम में पाए।
  4. 04एक नवयुवक दरबारी ने सच बोला — कि राजा से भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं — इसलिए उसे असली हीरा मिला।
  5. 05जौहरी से जाँच कराने पर पता चला कि बाकी दरबारियों के हीरे नकली थे।
  6. 06राजा ने नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का विश्वस्त सलाहकार चुना।
  7. 07पाठ का मुख्य संदेश है — ईमानदारी और सच बोलना सबसे बड़ा गुण है।
  8. 08शब्दार्थ अभ्यास में वृद्ध, निस्संदेह, श्रेष्ठ, बुद्धिमान, ठहरना जैसे शब्द दिए गए हैं।
Questions

Frequently asked questions

01

नकली हीरे पाठ किसने लिखा है?

यह चित्रकथा नीरा बेनेगल ने लिखी है। यह 'टिंकल' पत्रिका से साभार ली गई है।

02

काननपुर के राजा ने दरबारियों से क्या प्रश्न पूछा?

राजा ने सभी दरबारियों से पूछा — क्या मैं बुद्धिमान और ईमानदार राजा हूँ? उन्होंने स्पष्ट उत्तर देने की विनती की।

03

दरबारियों ने राजा के प्रश्न का क्या उत्तर दिया?

सभी दरबारियों ने बारी-बारी से यही कहा कि संसार में राजा जैसा बुद्धिमान और ईमानदार राजा कोई नहीं है। यह उत्तर राजा को प्रसन्न करने वाला था, सच नहीं।

04

नवयुवक दरबारी का उत्तर क्या था?

नवयुवक ने कहा कि राजा निस्संदेह बुद्धिमान और ईमानदार हैं, परंतु उनसे भी श्रेष्ठ राजा हो चुके हैं जो बुद्धिमत्ता और ईमानदारी में उनसे बढ़-चढ़कर थे।

05

राजा ने नकली हीरे क्यों दिए?

जिन दरबारियों ने झूठे और चापलूसी भरे उत्तर दिए, उन्हें सजा के रूप में नकली हीरे दिए गए, क्योंकि उन्होंने सच नहीं बोला।

06

असली हीरा किसे मिला और क्यों?

असली हीरा उस नवयुवक दरबारी को मिला जिसने सीधा-सादा और सच्चा उत्तर दिया। राजा ने उसकी ईमानदारी को इनाम दिया।

07

राजा ने अपने पुत्र का सलाहकार किसे चुना?

राजा ने उसी ईमानदार नवयुवक दरबारी को अपने पुत्र का विश्वस्त सलाहकार चुना, क्योंकि उसने बिना डर के सच बोला।

08

दरबारियों को नकली हीरों का पता कैसे चला?

दरबारी अगली सुबह जौहरी के पास हीरों की जाँच करवाने गए, तब पता चला कि सारे हीरे नकली हैं।

09

नकली हीरे पाठ किस विधा में लिखा गया है?

यह पाठ एक चित्रकथा (comic strip) के रूप में है, जिसमें संवाद और चित्र मिलकर कहानी कहते हैं।

10

इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?

इस पाठ से सीख मिलती है कि ईमानदारी और सच बोलना सबसे बड़ा गुण है। झूठी तारीफ करने वाले अंत में नकली इनाम पाते हैं, जबकि सच बोलने वाले को सच्चा सम्मान मिलता है।

11

नवयुवक दरबारी चुप क्यों खड़ा था?

नवयुवक दरबारी इसलिए चुप था क्योंकि उसका उत्तर दूसरों जैसा नहीं था — वह राजा को झूठी प्रशंसा से प्रसन्न नहीं करना चाहता था। जब राजा ने पूछा, तभी उसने अपना सच्चा उत्तर दिया।

12

पाठ में दिए गए मुख्य शब्दार्थ कौन से हैं?

पाठ में वृद्ध (बूढ़ा), निस्संदेह (संदेह न होना), श्रेष्ठ (सर्वोत्तम), बुद्धिमान (विवेकवान), और ठहरना (रुकना) जैसे शब्दों के अर्थ दिए गए हैं।

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