HindiClass 3

Veena (वीणा)

Hindi Textbook18 Chapters

Chapter notes

What you'll learn in Veena (वीणा)

A quick revision map of Veena (वीणा) — the core idea and five key takeaways from each chapter. Tap any chapter to read the full NCERT PDF and detailed notes.

01

सीखो

पाठ 1 — "सीखो" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कविता है जिसमें कवि शिवनाथ सिंह बच्चों को प्रकृति की चीज़ों — फूल, भौंरा, सूरज, दीपक, नदी, पेड़, हवा — से जीवन के अच्छे गुण सीखने की बात कहते हैं।

  • 1कविता के कवि शिवनाथ सिंह हैं
  • 2फूलों से हँसना और भौंरों से गाना सीखने की बात है
  • 3झुकी डालियों से नम्रता और शीश झुकाना सीखने को कहा गया है
  • 4सूरज से जगना और जगाना, दीपक से अँधेरा दूर करना सीखें
  • 5पृथ्वी से सच्ची सेवा और जलधारा से आगे बढ़ना सीखें
02

चींटी

पाठ 2 — "चींटी" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कविता है जिसमें कवि प्रकाश मनु ने चींटी की मेहनत, हिम्मत और लगन के बारे में बताया है — चींटी हर पल काम करती है, कभी नहीं घबराती, और हमें सिखाती है कि मेहनत ही भगवान की पूजा है।

  • 1चींटी हर पल चलती रहती है और काम का गीत सुनाती है।
  • 2कड़ी धूप हो या बारिश — चींटी दाना चुनकर लाती है।
  • 3चींटी घर को खूब सजाती है — वह एक कुशल कलाकार है।
  • 4उसका शरीर छोटा है पर वह कभी नहीं घबराती।
  • 5नन्हे-नन्हे पैरों से वह पर्वत पर चढ़ जाती है।
03

कितने पैर?

पाठ 3 — "कितने पैर?" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक रोचक संवाद-पाठ है जिसमें अध्यापिका और बच्चे मिलकर यह जानते हैं कि अलग-अलग जीवों के कितने पैर होते हैं — केंचुए से लेकर कनखजूरे तक, जिसके तीस से लेकर तीन सौ बयासी तक पैर हो सकते हैं।

  • 1केंचुए के पैर नहीं होते — वे पेट के बल सरकते हैं।
  • 2दो पैर वाले जीवों को द्विपाद कहते हैं — जैसे मनुष्य और चिड़ियाँ।
  • 3कंगारू ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला दो पैरों पर कूदने वाला पशु है; उसके पेट पर बच्चे के लिए थैली होती है।
  • 4चार पैर वाले जीवों को चतुष्पाद कहते हैं — जैसे गाय, भैंस, कुत्ता, शेर।
  • 5चींटी, मक्खी, भँवरा और तितली जैसे कीटों के छह पैर होते हैं।
04

बया हमारी चिड़िया रानी!

पाठ 4 — "बया हमारी चिड़िया रानी!" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कविता-पाठ है जिसमें बच्चे बया चिड़िया से प्यार से बात करते हैं और उसकी देखभाल का वादा करते हैं।

  • 1बया चिड़िया तिनके लाकर घोंसला बनाती है और उसे ऊँची डाल पर लटकाती है।
  • 2बया खेतों से दाना और नदियों से पानी लाती है।
  • 3बच्चे बया को दूर नहीं जाने देना चाहते और उसके आँगन को दानों से भरना चाहते हैं।
  • 4बया के अंडों से जब बच्चे निकलेंगे तो बच्चे उनकी निगरानी करेंगे।
  • 5जब बया के बच्चों के पर निकलेंगे और वे उड़ जाएँगे, तब भी बच्चे बया के पास रहेंगे।
05

आम का पेड़

पाठ 5 — "आम का पेड़" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कहानी पाठ है, जिसमें सौरभ नाम का एक बच्चा मीठे आम खाकर खुद आम की गुठली बोता है, धैर्य से उसकी देखभाल करने का निश्चय करता है, और यह सीखता है कि पेड़ को बड़ा होने में कई साल लगते हैं।

  • 1सौरभ के चाचाजी ने गर्मियों में बगीचे के मीठे आम भेजे
  • 2सौरभ ने बगीचे में आम की गुठली बोकर रोज़ पानी देना शुरू किया
  • 3कई दिन बाद भी पौधा न निकलने पर उसने पानी देना बंद कर दिया
  • 4एक बरसात के दिन उसे लाल कोंपलों वाला छोटा-सा पौधा दिखा
  • 5पिताजी ने बताया — पौधे को बड़ा पेड़ बनने में चार-पाँच साल लगेंगे
06

बीरबल की खिचड़ी

पाठ 6 — "बीरबल की खिचड़ी" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक रोचक कहानी-पाठ है जिसमें बीरबल अपनी चतुराई से एक गरीब व्यक्ति को न्याय दिलाते हैं — बादशाह अकबर का तर्क उन्हीं पर पलटकर दिखाते हैं।

  • 1बीरबल अकबर के दरबार में थे और अपनी चतुराई के लिए बड़े प्रसिद्ध थे।
  • 2एक व्यक्ति ने दावा किया कि वह सर्दी में रातभर यमुना के ठंडे पानी में खड़ा रह सकता है — और रहा भी।
  • 3अकबर ने इनाम देने से इसलिए मना किया क्योंकि व्यक्ति ने राजमहल के दीपक की रोशनी देखते हुए रात बिताई थी।
  • 4बीरबल ने एक लंबे बाँस के ऊपर हाँडी लटकाई और नीचे बहुत दूर थोड़ी-सी आग जलाई — यह खिचड़ी पकाने का नाटक था।
  • 5जब अकबर ने पूछा कि इतनी दूर की आग से खिचड़ी कैसे पकेगी, तब बीरबल ने उन्हीं का तर्क उन पर पलटा।
07

मित्र को पत्र

पाठ 7 — "मित्र को पत्र" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक पत्र-पाठ है जिसमें रूपम नाम का बच्चा अपने मित्र अभिषेक को गर्मी की छुट्टियों में गुवाहाटी की यात्रा का अनुभव लिखकर बताता है।

  • 1रूपम ने अपने मित्र अभिषेक को पत्र लिखा जिसमें गुवाहाटी की यात्रा का वर्णन है।
  • 2गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर है और पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश-द्वार है।
  • 3ब्रह्मपुत्र नदी में माजुली नाम का भारत का सबसे बड़ा नदी-द्वीप है।
  • 4रूपम ने माजुली में सत्रिया नृत्य देखा जो भारत का एक शास्त्रीय नृत्य है।
  • 5गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर और उमानंद मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।
08

चतुर गीदड़

पाठ 8 — "चतुर गीदड़" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक एकांकी (नाटक) है जिसमें एक चालाक मगरमच्छ और चापलूस कछुआ मिलकर गीदड़ को फँसाने की कोशिश करते हैं, लेकिन समझदार गीदड़ मगरमच्छ के पूँछ हिलाने से उसकी चाल पहचान लेता है और भाग जाता है।

  • 1यह पाठ एक एकांकी (नाटक) है जो तालाब के किनारे की घटना पर आधारित है।
  • 2मगरमच्छ ने तालाब की सारी मछलियाँ खा ली थीं, इसलिए वह गीदड़ को खाना चाहता था।
  • 3कछुए ने योजना बनाई कि मगरमच्छ मरा हुआ बनकर पड़ा रहे ताकि गीदड़ पास आए।
  • 4गीदड़ ने कहा कि उसने सुना है मरने पर मगरमच्छ की पूँछ हिलती रहती है — यह उसकी चतुराई थी।
  • 5मगरमच्छ पूँछ हिला बैठा और गीदड़ सच्चाई समझकर भाग गया।
09

प्रकृति पर्व — फूलदेई

पाठ 9 — "प्रकृति पर्व — फूलदेई" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक गद्य पाठ है जिसमें जानकी और उसके मित्र उत्तराखंड के प्रसिद्ध बाल पर्व फूलदेई पर जंगल से फूल चुनकर हर घर की देहली पर अक्षत और फूल डालते हैं और गाते हुए आशीर्वाद देते हैं।

  • 1फूलदेई उत्तराखंड का प्रसिद्ध बाल पर्व है जो चैत्र मास की संक्रांति को मनाया जाता है
  • 2जानकी और उसके मित्र जंगल से बुरांस और फ्योंली के फूल डलिया में इकट्ठा करते हैं
  • 3फूल चुनने वाले बच्चों की टोली को 'फुलारी' कहते हैं
  • 4फुलारी हर घर की देहली पर अक्षत और फूल डालकर गाती है — 'फूल देई, छम्मा देई...'
  • 5घर वाले फुलारी को चावल, गुड़ और पैसे भेंट करते हैं
10

सुनो भई गप्प

पाठ 10 — "सुनो भई गप्प" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक मज़ेदार और उलटबाँसी वाली कविता है जिसमें चींटी बाज़ार जाती है, गधा खजूर पर चढ़ता है, हाथी ढोल बजाता है और घोड़ा कपड़े धोता है — यानी सब काम उल्टे-पुल्टे होते हैं।

  • 1कविता का नाम है 'सुनो भई गप्प' और यह वीणा (कक्षा 3) की इकाई तीन 'आओ खेलें' में है।
  • 2टेक पंक्ति है — 'सुनो भई गप्प, सुनो भई शप्प, नाव में नदिया डूबी जाए।'
  • 3चींटी नौ मन मल के तेल और दो ईंटें लेकर बाज़ार जाती है — यह उलटी बात है।
  • 4गधा खजूर पर चढ़कर अंगूर खाता है और उसकी पीठ पर पाँच लंगूर नाचते हैं।
  • 5हाथी ढम-ढम ढोल बजाता है, ऊँट खाट पर सोता है, बिल्ली रोटी सेकती है और घोड़ा कपड़े धोता है।
11

एक जादुई पिटारा

पाठ 11 — "एक जादुई पिटारा" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक मज़ेदार कविता है जिसमें एक जादुई पिटारे को खोलने पर एक के बाद एक अनोखी चीज़ें निकलती चली जाती हैं — गप्पू गोला, कठपुतली, नौ सौ ऊँट, सुपारी, आटा, घोड़ा, गुब्बारा, इंजन, दो भैंसे और बारह सौ सेर नाज।

  • 1जादुई पिटारे से सबसे पहले 'गप्पू गोला' निकला।
  • 2गोले पर सुतली बाँधने से वह कठपुतली बन गया और नाचने लगा।
  • 3कठपुतली के खूँट से नौ सौ ऊँट निकले, ऊँट की सवारी पर सुपारी मिली।
  • 4सुपारी काटने से नौ मन आटा निकला, आटे पर नारियल फोड़ने से घोड़ा निकला।
  • 5घोड़ा आसमान ले गया जहाँ बारह छेदों वाला गुब्बारा मिला, एक छेद पर इंजन खड़ा था।
12

अपना-अपना काम

पाठ 12 — "अपना-अपना काम" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कहानी-पाठ है जिसमें सिमरन नाम की लड़की पढ़ाई से थककर मधुमक्खी, पेड़ और चिड़िया बनना चाहती है, पर हर एक उसे अपनी मेहनत बताता है और अंत में सिमरन समझती है कि परिश्रम से ही सब जीते हैं।

  • 1सिमरन बाग में बैठकर स्कूल का काम कर रही थी और पढ़ाई से थक गई थी।
  • 2मधुमक्खियाँ सारे दिन उड़-उड़कर रस इकट्ठा करती हैं, जिससे उनके पंख थक जाते हैं।
  • 3पेड़ के हर अंग को दिन-रात काम करना पड़ता है — जड़, पत्ते, और फल सब मेहनत से बनते हैं।
  • 4चिड़िया एक-एक दाना ढूँढते हुए सारे दिन उड़ती है और घोंसला बनाने में भी परिश्रम करती है।
  • 5सिमरन ने समझा कि परिश्रम से ही सब जीते हैं, इसलिए उसे भी मन लगाकर पढ़ना चाहिए।
13

पेड़ों की अम्मा ‘तिमक्का’

पाठ 13 — "पेड़ों की अम्मा 'तिमक्का'" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक प्रेरणादायक पाठ है जो कर्नाटक की तिमक्का के बारे में बताता है, जिन्होंने 80 से अधिक वर्षों में 8000 से ज़्यादा पेड़ लगाए और पर्यावरण की सेवा की।

  • 1तिमक्का को 'अम्मा', 'वृक्षमाता' और 'सालुमरदा तिमक्का' कहा जाता है।
  • 2उन्होंने 80 से अधिक वर्षों से सड़कों के किनारे पौधे लगाए हैं।
  • 3हुलिकल और कुदुर के बीच 45 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर लगभग 385 बरगद के पेड़ लगाए।
  • 4उन्होंने अनेक स्थानों पर 8000 से अधिक पेड़ लगाए जिससे पर्यावरण को बहुत लाभ हुआ।
  • 5शुरुआत में पैसों की कमी के कारण उन्होंने खान में मज़दूर के रूप में काम किया था।
14

किसान की होशियारी

पाठ 14 — "किसान की होशियारी" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कहानी-पाठ है जिसमें एक किसान अपनी समझदारी से एक भालू को तीन बार चतुराई से हराता है और अपनी फसल बचा लेता है।

  • 1किसान खेत जोत रहा था, तभी भालू आया और उसे मारने दौड़ा।
  • 2पहली बार भालू ने ऊपर की उपज माँगी — किसान ने आलू बोए, भालू को सिर्फ पत्ते मिले।
  • 3दूसरी बार भालू ने नीचे की उपज माँगी — किसान ने गेहूँ बोया, भालू को सिर्फ जड़ें मिलीं।
  • 4तीसरी बार भालू ने ऊपर और नीचे दोनों की उपज माँगी — किसान ने गन्ना बोया, भालू को फिर पत्ते और जड़ें ही मिलीं।
  • 5किसान की समझदारी से भालू हर बार हारा और अंत में उसका सिर चकरा गया।
15

भारत

पाठ 15 — "भारत" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक छोटी कविता है जिसे सोहन लाल द्विवेदी ने लिखा है; इसमें बच्चे अपने देश भारत की सुंदरता — हिमालय, गंगा-यमुना, अन्न-फल-रत्न — का गुणगान करते हैं और देश का यश बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।

  • 1कविता के कवि सोहन लाल द्विवेदी हैं।
  • 2हिमालय को भारत का सुंदर मुकुट कहा गया है और समुद्र उसके चरण धोता है।
  • 3गंगा और यमुना की धाराओं से सारा जग पवित्र होता है।
  • 4भारत में अन्न, फूल, फल, जल और रत्न-जवाहर जैसी अनमोल चीजें हैं।
  • 5राम और कृष्ण को अंतर्यामी और भारत के नामी पुत्र बताया गया है।
16

चंद्रयान

पाठ 16 — "चंद्रयान" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक संवाद पाठ है जिसमें अध्यापिका और विद्यार्थी मिलकर चाँद, रॉकेट और भारत के चंद्रयान मिशनों के बारे में बातचीत करते हैं और सीखते हैं कि लगातार परिश्रम से कठिन से कठिन काम भी सफल होता है।

  • 1यह पाठ एक संवाद के रूप में लिखा गया है — अध्यापिका और विद्यार्थियों के बीच बातचीत।
  • 2चाँद पर जाने के लिए रॉकेट का उपयोग किया जाता है।
  • 3भारत ने चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 भेजे।
  • 4चंद्रयान-3 चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा — ऐसा करने वाला भारत पहला देश बना।
  • 5चाँद पर उतरी मशीन का नाम विक्रम लैंडर है और उसके साथ प्रज्ञान रोवर भी है।
17

बोलने वाली माँद

पाठ 17 — "बोलने वाली माँद" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक चतुराई भरी कहानी है जिसमें सियार दधिपुच्छ अपनी बुद्धि से सिंह खरनखर को माँद से बाहर निकालने का उपाय करता है।

  • 1सिंह खरनखर को पूरे जंगल में भूख के बावजूद एक चूहा तक नहीं मिला।
  • 2सिंह रात काटने के लिए दधिपुच्छ की माँद में छिप गया।
  • 3सियार ने माँद के द्वार पर पैरों के निशान देखकर खतरा पहचाना।
  • 4सियार ने माँद को पुकारा — 'ऐ मेरी माँद' — और कहा कि माँद जवाब न दे तो वह दूसरी माँद में जाएगा।
  • 5सिंह ने विश्वास किया कि माँद सच में बोलती है और उसने दहाड़कर जवाब दे दिया।
18

हम अनेक किंतु एक

पाठ 18 — "हम अनेक किंतु एक" कक्षा 3 की एनसीईआरटी हिंदी पाठ्यपुस्तक वीणा का एक कविता-पाठ है जिसमें द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने बताया है कि भारत में अनेक प्रदेश, भाषाएँ, बोलियाँ और रूप-रंग हैं, फिर भी सब भारतीय एक हैं और एक ही लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ते हैं।

  • 1भारत में कई प्रदेश हैं, लेकिन देश एक है।
  • 2हजारों बोलियाँ और हजारों टोलियाँ हैं, फिर भी गीत का भाव एक है।
  • 3एक मातृभूमि और एक पितृभूमि सभी भारतीयों को जोड़ती है।
  • 4सभी भारतीय मिलकर एक लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
  • 5कविता के कवि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी हैं।

Want offline access with notes & solutions?

Download CBSE Prepmaster for free — includes NCERT solutions, flashcards, mock tests & more.

Download Free App