Class 12 Hindi

Chapter 1 — Silver Wedding

Open PDFReads in your browser
Overview

Summary

NCERT Class 12 Hindi Vitan Silver Wedding मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित एक कहानी है, जिसमें यशोधर बाबू नामक सरकारी सेक्शन अफ़सर की 25वीं विवाह वर्षगाँठ के दिन परंपरागत मूल्यों और आधुनिक जीवनशैली के टकराव को चित्रित किया गया है।

यशोधर बाबू (वाई-डी- पंत) एक परंपरागत सरकारी सेक्शन अफ़सर हैं जो किशनदा (कृष्णानंद पांडे) से मिले संस्कारों को जीवनमूल्य मानते हैं। दफ़्तर में मेनन उन्हें बताता है कि आज (6 फरवरी) उनकी शादी को पच्चीस साल पूरे हो गए हैं। घर लौटने पर उनके बड़े बेटे भूषण ने 'सिल्वर वैडिंग' पार्टी आयोजित कर रखी है जो यशोधर बाबू को 'समहाउ इंप्रापर' लगती है। वे पूजाकक्ष में ध्यान के दौरान किशनदा की स्मृति में डूबते हैं। अंत में भूषण उन्हें ऊनी ड्रेसिंग गाउन उपहार देता है और यशोधर बाबू की आँखों की कोर में नमी आ जाती है।

Essentials

Key points & formulas

  1. 01लेखक: मनोहर श्याम जोशी; विधा: कहानी (गद्य); पाठ वितान (भाग 2) में संकलित है।
  2. 02मुख्य पात्र: यशोधर बाबू (यशोधर पंत / वाई-डी- पंत), सेक्शन ऑफ़िसर, जो पुरानी परंपराओं से बँधे हैं; किशनदा (कृष्णानंद पांडे) उनके गुरु-तुल्य मार्गदर्शक; भूषण बड़ा बेटा जो विज्ञापन संस्था में डेढ़ हजार रुपये मासिक कमाता है।
  3. 03केंद्रीय भाव: परंपरा और आधुनिकता का द्वंद्व — यशोधर बाबू किशनदा की विरासत को जीते हैं जबकि उनका परिवार नई जीवनशैली अपना चुका है; यही पीढ़ीगत अंतराल कहानी की धुरी है।
  4. 04किशनदा की भूमिका: कुँआरे कृष्णानंद पांडे ने यशोधर को दिल्ली में आश्रय, पचास रुपये उधार, नौकरी और दफ़्तरी मार्गदर्शन दिया; रिटायरमेंट के बाद एकाकी जीवन जीकर गाँव में 'जो हुआ होगा' से मृत्यु को प्राप्त हुए।
  5. 05मुख्य घटनाएँ: दफ़्तर में वर्षगाँठ का पता चलना; बिड़ला मंदिर व प्रवचन; घर पर आधुनिक पार्टी में अजनबियों की भीड़; केक काटने और संध्या को लेकर विवाद; पूजाकक्ष में किशनदा का दर्शन; ड्रेसिंग गाउन उपहार।
  6. 06तकिया कलाम 'समहाउ इंप्रापर': यशोधर बाबू आधुनिकता की हर बात पर यही कहते हैं — यह वाक्यांश उनके व्यक्तित्व और पुरानी-नई दुनिया के बीच की दूरी का प्रतीक है।
  7. 07कठिन शब्दार्थ (पाठ के footnotes से): तंजिया = व्यंग्यात्मक; असीक का फूल = भगवान के चरणों से उठाए हुए आशीर्वाद के फूल; सैप = साहब का बोलचाल में प्रयुक्त रूप।
Questions

Frequently asked questions

01

Silver Wedding कहानी के लेखक कौन हैं?

इस कहानी के लेखक मनोहर श्याम जोशी हैं।

02

यशोधर बाबू का पूरा नाम और पद क्या है?

उनका पूरा नाम यशोधर पंत (वाई-डी- पंत) है और वे सरकारी दफ़्तर में सेक्शन अफ़सर के पद पर कार्यरत हैं।

03

यशोधर बाबू की शादी कब हुई थी?

उनकी शादी 6 फरवरी सन् 1947 को हुई थी। कहानी उसी दिन घटती है जब शादी को पच्चीस साल पूरे होते हैं।

04

किशनदा कौन थे और यशोधर बाबू के जीवन में उनकी क्या भूमिका थी?

किशनदा यानी कृष्णानंद पांडे कुँआरे थे। उन्होंने दिल्ली आए यशोधर को अपने क्वार्टर में आश्रय दिया, मैस का रसोइया बनाकर रखा, पचास रुपये उधार दिए, अपने नीचे नौकरी दिलाई और दफ़्तरी जीवन में मार्गदर्शन किया। यशोधर बाबू उन्हें अपना 'मर्यादा पुरुष' मानते थे।

05

'समहाउ इंप्रापर' का अर्थ क्या है और यशोधर बाबू इसे क्यों बोलते हैं?

यह वाक्यांश 'किसी तरह अनुचित' का भाव देता है। यशोधर बाबू इसे तकिया कलाम की तरह तब-तब प्रयोग करते हैं जब उन्हें कोई आधुनिक बात, चीज़ या आचरण पुरानी परंपरा से मेल न खाता लगे।

06

'जो हुआ होगा' वाक्यांश का क्या महत्व है?

यह वाक्यांश 'पता नहीं क्या हुआ' के समतुल्य है। किशनदा की मृत्यु का कारण पूछने पर उनके एक बिरादर ने यशोधर बाबू को यही जवाब दिया था। कहानी में यह वाक्यांश अकेलेपन और अनिश्चितता का प्रतीक बन जाता है।

07

Manohar Shyam Joshi की Silver Wedding में पार्टी किसने आयोजित की और क्यों?

पार्टी भूषण — यशोधर बाबू के बड़े बेटे — ने आयोजित की। गिरीश (पत्नी के चचेरे भाई) ने दफ़्तर फ़ोन किया, फिर भूषण को फ़ोन किया, और भूषण ने शाम को पार्टी का फ़ैसला किया और अपने बॉस को भी बुलाया।

08

कहानी में 'गधा-पचीसी' का क्या अर्थ है?

किशनदा से विरासत में मिले इस वाक्यांश का भाव युवावस्था की वह अवस्था है जब व्यक्ति गैर-जिम्मेदार होता है। किशनदा का मानना था कि जिम्मेदारी सिर पर पड़ने पर हर आदमी समझदार हो जाता है।

09

किशनदा का बुढ़ापा सुखी क्यों नहीं रहा?

किशनदा ने घर-परिवार नहीं बसाया और मकान नहीं बनवाया। रिटायर होने के छह महीने बाद क्वार्टर खाली करना पड़ा और उनके द्वारा उपकृत किसी ने भी उन्हें अपने यहाँ रखने की पेशकश नहीं की। वे राजेंद्र नगर में किराए पर रहे और फिर गाँव लौट गए जहाँ साल भर बाद मृत्यु हो गई।

10

कहानी के अंत में यशोधर बाबू की आँखों में नमी क्यों आई?

बेटे भूषण ने उन्हें ऊनी ड्रेसिंग गाउन उपहार दिया। गाउन पहनते समय या तो यह बात चुभी कि बेटा गाउन देता है पर दूध लाने का काम खुद नहीं करता, या इस गाउन में उन्हें किशनदा की वह परिचित छवि दिखाई दी जो 'जो हुआ होगा' से मरे थे। उनकी आँखों की कोर में जरा-सी नमी चमक गई।

11

यशोधर बाबू और उनकी पत्नी के बीच मतभेद के क्या कारण थे?

यशोधर बाबू पुरानी परंपराओं (व्रत, मंदिर, संयुक्त परिवार के रिवाज) से बँधे हैं। पत्नी का कहना है कि संयुक्त परिवार में पति ने उनका पक्ष नहीं लिया और उन पर बुढ़िया जैसे नियम थोपे। अब वह बच्चों की तरफ़दारी में आधुनिक आचरण करती है।

12

NCERT Class 12 Vitan Silver Wedding में 'मूरख लोग मकान बनाते हैं, सयाने उनमें रहते हैं' किसने कहा?

यह उक्ति किशनदा की है जिसे यशोधर बाबू अब भी मानते हैं। इसका आशय है कि सरकारी नौकरी में सरकारी क्वार्टर और रिटायरमेंट पर गाँव का पुश्तैनी घर — बस।

13

क्या इस पाठ का PDF मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं?

हाँ, यह मुफ़्त है, बिना साइन-अप।

Keep learning

More chapters in Vitan

This is the complete Vitan Chapter 1 as published by NCERT — every diagram, solved example, and exercise included, free. Browse all CBSE Class 12 textbooks.

Read offline with notes, solutions & mock tests

CBSE Prepmaster — free on iOS & Android

Get the App